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पटना। बिहार सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में पीपीपी मोड पर 16 मेडिकल एवं डेंटल कॉलेज खोलने की मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगाई गई, जिनमें खेल, पेयजल, सुरक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे मेडिकल कॉलेज सरकार ने राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और मेडिकल शिक्षा की क्षमता बढ़ाने के लिए 16 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का फैसला किया है। इनमें डेंटल कॉलेज भी शामिल होंगे। ये संस्थान पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मोड पर विकसित किए जाएंगे। इनके संचालन से जुड़ी प्रक्रिया के लिए पीडब्ल्यूसी की नियुक्ति की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ेगी, नए डॉक्टर तैयार होंगे और जिलों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होगी। राजगीर में बनेगा अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सेंटर राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की स्थापना को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इस केंद्र में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस, चोटों की रोकथाम और पुनर्वास से जुड़ी वैज्ञानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके संचालन, रखरखाव, मानव संसाधन और अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था करने की अनुमति दी गई है। पीपरा कोठी में केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि पूर्वी चंपारण जिले के पीपरा कोठी में केंद्रीय विद्यालय के संचालन के लिए सरकारी भूमि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को उपलब्ध कराई जाएगी। यह भूमि 30 वर्षों की लीज पर दी जाएगी। इससे क्षेत्र के बच्चों को केंद्रीय विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है। मुंगेर-जमालपुर में मजबूत होगी जलापूर्ति कैबिनेट ने जमालपुर और मुंगेर की जलापूर्ति योजनाओं के लिए बड़ी राशि मंजूर की है। जमालपुर जलापूर्ति योजना के लिए 102 करोड़ 22 लाख 91 हजार 107 रुपये और मुंगेर जलापूर्ति योजना के पहले चरण के लिए 177 करोड़ 72 लाख 47 हजार 949 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। दोनों योजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 279.95 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनसे शहरी क्षेत्रों में साफ पेयजल की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। नवादा में बीआईएसएफ के लिए 43.98 एकड़ जमीन नवादा जिले के रजौली में 43.98 एकड़ सरकारी भूमि बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल की स्थापना के लिए गृह विभाग को नि:शुल्क देने की मंजूरी दी गई है। इस जमीन पर बीआईएसएफ से जुड़ी आधारभूत सुविधाएं, प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक ढांचे विकसित किए जाएंगे। पुरातत्व निदेशालय में 12 पदों पर नियुक्ति कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत पुरातत्व निदेशालय में तकनीकी कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए 12 पदों पर संविदा नियुक्ति को स्वीकृति मिली है। इन पदों पर नियुक्ति फिलहाल 11 महीने के लिए की जाएगी। इससे पुरातात्विक स्थलों, अभिलेखों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। दुर्लभ पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत बिहार की पुरानी और दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण को भी मंजूरी दी गई है।इस योजना पर 6 करोड़ 23 लाख 68 हजार 718 रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक दस्तावेजों को सुरक्षित रखना और उन्हें शोधकर्ताओं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना है।



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