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मुंबई। फिल्ममेकर और अभिनेत्री तृप्ति भोईर ने अपनी आगामी फिल्म ‘पारो’ में ताहा शाह बदुशा की कास्टिंग के पीछे की भावनात्मक वजह साझा करते हुए बताया कि स्क्रिप्ट पर पहली बातचीत के दौरान अभिनेता की मां को खुश करने वाली उनकी एक सादगी भरी बात ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने उसी पल तय कर लिया कि इस किरदार के लिए उन्हें सिर्फ ताहा ही चाहिए थे। ताहा ने करियर नहीं, मां की खुशी की बात की तृप्ति भोईर ने बताया कि फिल्म की स्क्रिप्ट पर चर्चा के दौरान उन्हें लगा था कि बातचीत फिल्म, रोल, करियर ग्रोथ या नए मौके जैसी बातों के इर्द-गिर्द घूमेगी, लेकिन ताहा शाह ने कुछ ऐसा कहा, जिसने पूरी मुलाकात का रंग बदल दिया। तृप्ति के मुताबिक, ताहा ने उनसे कहा, “मुझे लगता है कि इस फिल्म को स्वीकार करने से मेरी मां को ज्यादा खुशी मिलेगी।” यही वह पल था, जिसने तृप्ति के दिल में ताहा के लिए खास जगह बना दी। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक जवाब नहीं था, बल्कि ताहा की सोच, उनके संस्कार, विनम्रता और परिवार के प्रति उनके गहरे लगाव की झलक थी। उस एक लाइन ने बता दिया कि यही सही इंसान है तृप्ति ने इस बातचीत को याद करते हुए कहा कि ताहा की यह बात उनके दिल में बस गई। उन्होंने महसूस किया कि यह किसी अभिनेता का सिर्फ एक और प्रोजेक्ट चुनने वाला जवाब नहीं था बल्कि उसमें ईमानदारी, अपनापन और संवेदनशीलता थी। तृप्ति ने साफ कहा कि ताहा की इस सच्ची और गर्मजोशी भरी सोच ने उन्हें भीतर तक छू लिया और उसी समय उन्होंने मन बना लिया कि ‘पारो’ में यह किरदार ताहा शाह ही निभाएंगे। तृप्ति को क्यों लगा कि ताहा किरदार के साथ न्याय करेंगे फिल्ममेकर का मानना है कि किसी कलाकार का असली व्यक्तित्व अक्सर उसकी परफॉर्मेंस में भी दिखाई देता है। ताहा शाह के साथ हुई पहली बातचीत ने उन्हें यह भरोसा दे दिया था कि वह सिर्फ अभिनय नहीं करेंगे, बल्कि किरदार को महसूस करके निभाएंगे। तृप्ति के अनुसार, ताहा का इस फिल्म से भावनात्मक जुड़ाव और उनकी सच्चाई इस बात का संकेत था कि वह ‘पारो’ में अपने रोल के साथ पूरा न्याय करेंगे। कास्टिंग का फैसला सिर्फ ऑडिशन से नहीं, इंसानियत से भी होता है तृप्ति की यह बात फिल्म इंडस्ट्री की उस सोच को भी सामने लाती है, जहां कास्टिंग सिर्फ ऑडिशन, लुक टेस्ट या स्क्रीन टेस्ट तक सीमित नहीं होती। कई बार किसी कलाकार की एक सच्ची, दिल से निकली बात भी बहुत बड़ा फैसला तय कर देती है। ‘पारो’ के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां एक अभिनेता की विनम्रता और परिवार के प्रति प्रेम ने उसे सिर्फ एक रोल नहीं, बल्कि फिल्ममेकर का पूरा भरोसा दिला दिया। ‘पारो’ की कास्टिंग से सामने आया ताहा शाह का सॉफ्ट और सच्चा पक्ष इस खुलासे के बाद यह भी साफ होता है कि ताहा शाह बदुशा ने ‘पारो’ को केवल एक फिल्म के तौर पर नहीं देखा, बल्कि उससे एक भावनात्मक रिश्ता महसूस किया। यही वजह है कि उनकी प्रतिक्रिया ने तृप्ति भोईर को गहराई से प्रभावित किया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिस अभिनेता को एक सच्ची भावना के आधार पर चुना गया, वह पर्दे पर इस किरदार को किस तरह जीवंत बनाते हैं।