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ग्लासगो (स्कॉटलैंड)। राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में भारत की वेटलिफ्टिंग टीम का दमदार प्रदर्शन जारी है, जहां ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में 199 किग्रा वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता और इस खेल में भारत की झोली में चौथा मेडल डालते हुए पदक अभियान को नई मजबूती दी। 199 किग्रा वजन उठाकर जीता रजत पदक ज्ञानेश्वरी यादव ने फाइनल मुकाबले में कुल 199 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 88 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा वजन उठाकर शानदार प्रदर्शन किया। पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने संयम बनाए रखा और निर्णायक राउंड में बेहतरीन खेल दिखाते हुए भारत के लिए सिल्वर मेडल पक्का कर दिया। कुछ देर के लिए बना गेम्स रिकॉर्ड, फिर नाइजीरिया ने तोड़ा क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा वजन उठाकर ज्ञानेश्वरी ने कुछ समय के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया था। हालांकि, बाद में नाइजीरिया की डिडिह ओनोमे ओमोलोला ने 113 किग्रा वजन उठाकर यह रिकॉर्ड तोड़ दिया और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। वेटलिफ्टिंग में भारत का चौथा पदक ज्ञानेश्वरी का सिल्वर मेडल ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में भारत का चौथा पदक है। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वेटलिफ्टिंग भारत के लिए कॉमनवेल्थ खेलों में सबसे भरोसेमंद खेलों में से एक है। दबाव में भी नहीं टूटा हौसला कड़े मुकाबले के बीच ज्ञानेश्वरी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। खासकर क्लीन एंड जर्क राउंड में उनका प्रदर्शन शानदार रहा, जिसने उन्हें पोडियम तक पहुंचाया। उनकी इस उपलब्धि ने प्रतियोगिता के चौथे दिन भारत के पदक अभियान को और मजबूती दी। भारत की बढ़ीं पदक जीतने की उम्मीदें इससे पहले भी भारतीय वेटलिफ्टर अलग-अलग वर्गों में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश को पदक दिला चुके हैं। ज्ञानेश्वरी यादव के सिल्वर मेडल ने भारत के बढ़ते पदक अभियान को नई रफ्तार दी है और ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में आगे भी ज्यादा पदक जीतने की उम्मीदें मजबूत कर दी हैं।



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