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पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने रिश्वत के जुर्म में आज बिहार गृहरक्षा वाहिनी के एक पूर्व कंपनी कमांडर को तीन वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ दस हजार रुपये का जुर्माना भी किया। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी करार निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद भोजपुर जिले के आरा स्थित गृह रक्षा वाहिनी के पूर्व कंपनी कमांडर रामा प्रजापति को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। ड्यूटी आवंटन के बदले ली थी रिश्वत मामले के विशेष लोक अभियोजक प्रभारी ट्रैप केस किशोर कुमार सिंह ने बताया कि निगरानी के अधिकारियों ने 03 फरवरी 2011 को आरा में दोषी को गृह रक्षा वाहिनी के दो सिपाहियों से उन्हें ड्यूटी आवंटित करने के एवज में 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। 11 गवाहों के बयान से साबित हुआ आरोप अभियोजन ने इस मामले में आरोप साबित करने के लिए अदालत में 11 गवाहों का बयान दर्ज कराया था, जिसके आधार पर विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।



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