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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट और विमान ईंधन की बढ़ी कीमतों के असर से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश में हवाई सफर एक साल में 31.94 प्रतिशत महंगा हो गया जबकि इसी अवधि में बैंकिंग सेवाएं सस्ती और रेलवे यात्री सेवाएं 3.50 प्रतिशत महंगी हो गईं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी अप्रैल-जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक, हवाई यात्री सेवा मूल्य सूचकांक 126.4 दर्ज किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 31.94 प्रतिशत अधिक है। पश्चिम एशिया संकट ने बढ़ाई उड़ानों की लागत रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 के बाद पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर विमानन क्षेत्र पर पड़ा। संकट के कारण विमान ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद एयरलाइन कंपनियों ने हवाई किराये बढ़ा दिए। हवाई सेवा मूल्य सूचकांक में सबसे बड़ा हिस्सा विमान किराये का होता है। इसलिए टिकटों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर पूरे सूचकांक पर दिखाई दिया। महंगा ईंधन, यात्रियों पर बढ़ा किराये का बोझ विमान सेवा कंपनियों ने किराया बढ़ाने के पीछे महंगे विमान ईंधन को प्रमुख कारण बताया है। ईंधन की लागत बढ़ने से एयरलाइंस का संचालन खर्च बढ़ा और इसका बोझ टिकट की कीमतों के जरिए यात्रियों पर डाला गया। इसका नतीजा यह हुआ कि घरेलू और अन्य यात्री हवाई सेवाओं की कीमतों में सालाना आधार पर तेज उछाल दर्ज किया गया। बैंकिंग सेवा योगदान सूचकांक में 6.90% बढ़ोतरी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में बैंकिंग सेवा योगदान सूचकांक 6.90 प्रतिशत बढ़ा । हालांकि इसी अवधि में बैंकिंग सेवा मूल्य सूचकांक 3.35 प्रतिशत घटा , जिसका मतलब है कि बैंकिंग सेवाओं की कीमतों में कमी आई और ये सेवाएं पिछले साल की तुलना में कुछ सस्ती हुईं। पेंशन फंड सेवा सूचकांक 5.20% बढ़ा रिपोर्ट में पेंशन फंड सेवा मूल्य सूचकांक में 5.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि इसके साथ इन सेवाओं के सस्ता होने की बात भी कही गई है। सूचकांक में बढ़ोतरी और सेवाओं के सस्ता होने की यह व्याख्या स्पष्ट नहीं है और इसमें आधिकारिक स्पष्टीकरण की जरूरत हो सकती है। रेल यात्रा भी हुई महंगी हवाई सफर के साथ रेलवे की यात्री सेवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। एक साल के दौरान रेलवे यात्री सेवाएं 3.50 प्रतिशत महंगी हुईं। रेलवे माल परिवहन सेवाओं की कीमत में 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई। रेल यात्री सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी हवाई किराये के मुकाबले काफी कम रही। सात सेवा क्षेत्रों के जारी होते हैं आंकड़े वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय हर तिमाही सात प्रमुख सेवाओं के मूल्य सूचकांक जारी करता है। इन आंकड़ों के जरिए यह पता चलता है कि परिवहन, बैंकिंग और अन्य सेवा क्षेत्रों की कीमतों में समय के साथ कितना बदलाव आया है। अप्रैल-जून 2026 की रिपोर्ट में सबसे बड़ा उछाल हवाई यात्री सेवाओं में दर्ज किया गया है। यात्रियों के लिए फिलहाल राहत के संकेत कम विमान ईंधन की कीमतें और पश्चिम एशिया की स्थिति हवाई किरायों की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारण बने हुए हैं। ऐसे में जब तक ईंधन की लागत में कमी नहीं आती, यात्रियों को सस्ते हवाई टिकटों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल सरकारी आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि बीते एक साल में हवाई सफर बाकी प्रमुख सेवाओं के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से महंगा हुआ है।



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