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मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले की विशेष अदालत ने चरस तस्करी मामले में दोषी गुड्डू ठाकुर को आज 15 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एनडीपीएस न्यायालय-2 के विशेष न्यायाधीश बृजेश कुमार ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी गुड्डू ठाकुर को 15 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी ठहराया गया गुड्डू ठाकुर रक्सौल थाना क्षेत्र के गम्हरिया निवासी जनार्दन ठाकुर का पुत्र है। मामला रक्सौल थाना कांड संख्या 303/2024 से जुड़ा है। बाइक की डिक्की से बरामद हुआ था चरस अभियोजन के अनुसार, 27 अगस्त 2024 को पुलिस को चरस तस्करी से जुड़ी गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर रक्सौल पावर हाउस के समीप वाहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान संदेह के आधार पर एक बाइक को रोककर तलाशी ली गई। बाइक की डिक्की से 32.520 ग्राम चरस बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने गुड्डू ठाकुर को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की सुनवाई एनडीपीएस वाद संख्या 15/2025 के तहत हुई। सात गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक प्रभाष त्रिपाठी ने अभियोजन की ओर से सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन ने अभियुक्त के विरुद्ध आरोप सिद्ध होने की दलील दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश बृजेश कुमार ने गुड्डू ठाकुर को एनडीपीएस अधिनियम की दो धाराओं में दोषी करार दिया और 15 वर्ष के सश्रम कारावास तथा दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।



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