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पटना। बिहार की निगरानी अन्वेषण ब्यूरो टीम ने पूर्णिया में पदस्थापित भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ 1.97 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज कर पटना और पूर्णिया स्थित उनके तीन ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें पांच मंजिला आलीशान मकान, नकदी, आभूषण, बैंक और एलआईसी निवेश के दस्तावेज तथा अन्य चल-अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है। 14 सितंबर को दर्ज हुआ आय से अधिक संपत्ति का केस निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 109/26 दर्ज किया है। 14 सितंबर 2026 को दर्ज प्राथमिकी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी), संशोधित अधिनियम 2018 के प्रावधान लगाए गए हैं। सत्येंद्र कुमार चौधरी भवन निर्माण विभाग के पूर्णिया प्रमंडल में अधीक्षण अभियंता हैं। उनका पटना का पता सी-11, कृषि नगर, एजी कॉलोनी, शास्त्रीनगर बताया गया है। सात अचल संपत्तियां, कीमत 3.60 करोड़ से अधिक ब्यूरो की जांच में अभियंता, उनकी पत्नी उषा देवी और परिजनों के नाम कुल सात अचल संपत्तियां मिलने का दावा किया गया है। ये संपत्तियां वर्ष 2011 से 2025 के बीच स्वयं अभियंता, उनकी पत्नी और सास के नाम पर खरीदी गईं। ब्यूरो ने इन अचल संपत्तियों का कुल मूल्य तीन करोड़ 60 लाख 58 हजार 70 रुपये बताया है। इसके अलावा 26 लाख रुपये की चल संपत्ति का भी पता चला है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह संपत्ति अभियंता की कुल ज्ञात आय से करीब 68 प्रतिशत अधिक है। फुलवारीशरीफ में लिफ्ट वाला पांच मंजिला मकान तलाशी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा पटना के फुलवारीशरीफ स्थित पांच मंजिला आलीशान मकान रहा। ब्यूरो के अनुसार मकान में लिफ्ट और सोलर पैनल लगे हैं। इसके भीतर कई महंगे फर्नीचर और करीब 10 एयर कंडीशनर पाए गए। इस मकान की कीमत अभी अंतिम आंकड़े में सामने नहीं आई है। ब्यूरो इसका विधिवत मूल्यांकन कराएगा। एजी कॉलोनी में भी तीन मंजिला संयुक्त मकान छापेमारी के दौरान पटना की एजी कॉलोनी में एक संयुक्त तीन मंजिला मकान का भी पता चला। निगरानी विभाग इस भवन का भी विधिवत मूल्यांकन कराएगा। दोनों मकानों का वास्तविक मूल्य सामने आने के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। प्राथमिकी में दर्ज संपत्तियों के अनुसार अभियंता और उनके परिजनों के नाम फुलवारीशरीफ में एक जमीन है, जिस पर भव्य मकान बना हुआ है। इसके अलावा नौबतपुर में चार जमीन के टुकड़े हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 74 डिसमिल बताया गया है। दानापुर में भी करीब 7.18 डिसमिल जमीन मिलने की जानकारी दी गई है। इन सभी को प्राथमिकी में दर्ज सात अचल संपत्तियों का हिस्सा बताया गया है। तलाशी में एक लाख नकद और गहने मिले निगरानी की टीम ने तलाशी के दौरान एक लाख रुपये नकद बरामद किया। इसके साथ सोना, चांदी और हीरे के आभूषण भी मिले हैं। आभूषणों की वास्तविक कीमत का आकलन कराया जा रहा है। तलाशी के बीच जांच टीम को ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट होने की जानकारी मिली है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि इस फ्लैट की जांच अभी जारी है। सत्यापन के बाद ही इसके स्वामित्व और कीमत की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बैंक और एलआईसी निवेश के ढेरों दस्तावेज बरामद अभियंता और उनके परिजनों के नाम बैंक तथा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में किए गए निवेश से संबंधित बड़ी संख्या में कागजात मिले हैं। निगरानी की टीम इन दस्तावेजों की जांच कर निवेश की कुल रकम और उसके स्रोत का पता लगाएगी। तलाशी के दौरान हुंडई कंपनी की एक कार भी सामने आई है। ब्यूरो अब चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, बीमा निवेश, वाहन और आभूषणों से जुड़े दस्तावेजों का मिलान अभियंता की ज्ञात आय से करेगा। तीन टीमों ने तीन ठिकानों पर एक साथ दी दबिश विशेष निगरानी न्यायालय, पटना से सर्च वारंट मिलने के बाद ब्यूरो ने तीन अलग-अलग तलाशी दल गठित किए। इन टीमों ने 16 सितंबर 2026 को पटना के दो आवासों और पूर्णिया स्थित कार्यालय-सह-आवास पर एक साथ तलाशी शुरू की। खबर लिखे जाने तक भवनों की तलाशी पूरी नहीं हुई थी। ब्यूरो ने तलाशी देर रात तक जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में संपत्ति, निवेश और दस्तावेजों से जुड़े और खुलासे भी सामने आ सकते हैं।



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