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ग्लास्गो (स्कॉटलैंड): राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 की पुरुष 10,000 मीटर दौड़ में करीब चार दशक से कायम अफ्रीकी धावकों के दबदबे का अंत हो गया। 1986 के बाद पहली बार इस स्पर्धा के शीर्ष तीन में कोई भी अफ्रीकी एथलीट जगह नहीं बना सका और इसी ऐतिहासिक दौड़ में भारत के गुलवीर सिंह ने रजत पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। वह राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष 10,000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। चार दशक तक अफ्रीकी धावकों का रहा दबदबा पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ को लंबे समय से अफ्रीकी धावकों का गढ़ माना जाता रहा है। उनकी गति, सहनशक्ति और रणनीति के सामने दूसरे देशों के एथलीटों के लिए पदक जीतना बेहद मुश्किल माना जाता था। लेकिन ग्लास्गो में तस्वीर बदल गई। इस बार न केवल अफ्रीकी धावक पदक से चूक गए, बल्कि भारत के गुलवीर सिंह ने भी पोडियम पर जगह बनाकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। महज 0.85 सेकंड से स्वर्ण पदक से चूके स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में लगातार बारिश के बीच हुई 25 लैप की इस रोमांचक दौड़ में गुलवीर सिंह ने 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकाला। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुल्लार्की ने 27:50.28 के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। गुलवीर और स्वर्ण पदक के बीच सिर्फ 0.85 सेकंड का फासला रहा। बारिश में भी नहीं डगमगाया हौसला पूरे मुकाबले के दौरान लगातार बारिश होती रही लेकिन गुलवीर शुरू से ही शीर्ष धावकों के साथ बने रहे। 3000 मीटर तक उन्होंने मजबूत शुरुआत की, 6000 मीटर के बाद भी लय नहीं टूटी और अंतिम लैप शुरू होने से पहले तीसरे स्थान पर पहुंच गए। आखिरी कुछ सौ मीटर में उन्होंने जबरदस्त स्पीड दिखाई और दूसरे स्थान पर फिनिश करते हुए भारत को ऐतिहासिक रजत पदक दिला दिया। भारत के लिए पहली बार आया यह गौरव राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में इससे पहले कोई भी भारतीय पुरुष 10,000 मीटर स्पर्धा के पोडियम तक नहीं पहुंच पाया था। गुलवीर ने यह रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए भारतीय लंबी दूरी की दौड़ को नई पहचान दिलाई। यह उपलब्धि केवल एक पदक नहीं बल्कि उस इवेंट में भारत की ऐतिहासिक सफलता है, जहां दशकों तक दूसरे देशों का दबदबा रहा। लगातार बेहतर हो रहा है गुलवीर का प्रदर्शन 28 वर्षीय गुलवीर सिंह पिछले दो वर्षों से शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता और 2024 के बाद से कई बार 10,000 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। उनके नाम 27:00.22 का भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज है और इस साल उन्होंने विश्व एथलेटिक्स रैंकिंग के शीर्ष-10 धावकों में भी जगह बनाई। गुलवीर का अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। वह राष्ट्रमंडल खेलों की 5000 मीटर दौड़ में भी उतरेंगे, जहां उनसे एक और पदक की उम्मीद की जा रही है।



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