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पटना। बिहार सरकार ने अब लद्दाख स्थित पवित्र सिंधु नदी के दर्शन के लिए जाने वाले राज्य के श्रद्धालुओं को यात्रा खर्च का 50 प्रतिशत या अधिकतम 20 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना-2026 को मंजूरी दी गई है। सिंधु दर्शन यात्रा के लिए मिलेगा आर्थिक सहारा सरकार के अनुसार सिंधु दर्शन यात्रा का खर्च काफी अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में लोग इस यात्रा को पूरा नहीं कर पाते हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। नई योजना के तहत बिहार के मूल निवासी श्रद्धालुओं को यात्रा पूरी करने के बाद यात्रा व्यय का 50 प्रतिशत या अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति व्यक्ति (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में दिया जाएगा। गंगा और सिंधु को जोड़ा सांस्कृतिक एकता से योजना के पीछे सरकार ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता को प्रमुख आधार बताया है। सरकार का मानना है कि गंगा और सिंधु दोनों नदियां भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक एकता की महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। बिहार, जो भारतीय सभ्यता के प्रमुख केंद्रों में से एक रहा है, वहां के लोगों को सिंधु नदी और उससे जुड़ी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। देश के कई राज्यों में पहले से चल रही हैं ऐसी योजनाएं सरकारी दस्तावेज के अनुसार उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में पहले से तीर्थयात्रियों को आर्थिक सहायता देने की योजनाएं संचालित हैं। इन्हीं राज्यों की तर्ज पर बिहार सरकार ने भी यह पहल शुरू की है। श्रद्धालुओं को मिलेगा बड़ा फायदा इस योजना से उन लोगों को सीधा लाभ मिलेगा जो सिंधु दर्शन यात्रा करना चाहते हैं लेकिन अधिक खर्च के कारण यात्रा नहीं कर पाते। अब सरकारी सहायता मिलने से अधिक संख्या में श्रद्धालु लद्दाख पहुंचकर सिंधु नदी के दर्शन कर सकेंगे। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि बिहार के लोगों का देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता से जुड़ाव भी मजबूत होगा। इससे आध्यात्मिक पर्यटन के नए अवसर भी खुलेंगे। क्या है सरकार का उद्देश्य? * सिंधु नदी और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से लोगों को जोड़ना * आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं को सहायता देना * धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना * राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करना * बिहार के लोगों को लद्दाख स्थित सिंधु दर्शन यात्रा के लिए प्रोत्साहित करना