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पटना। पिछले लोकसभा चुनाव में बगावत का झंडा बुलंद कर काराकाट संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय मैदान में उतरे भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय गायक और अभिनेता पवन सिंह को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आख़िरकार अपने राजनीतिक सफर का हिस्सा बना लिया। भाजपा ने बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव के लिए अपने चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है, जिनमें पवन सिंह का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार पार्टी ने श्री सिंह के अलावा डॉ. संजय मयूख , अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को भी विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने इन नामों को मंजूरी प्रदान की है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि बिहार विधान परिषद के आगामी द्विवार्षिक चुनाव को लेकर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और पार्टी ने चार सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है। पवन सिंह के नाम से बढ़ी राजनीतिक हलचल श्री सिंह की उम्मीदवारी ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। अपने गीतों और फिल्मों के जरिए करोड़ों लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल कर चुके श्री सिंह का राजनीतिक प्रभाव विशेष रूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के बीच देखा जाता है।भाजपा द्वारा उन्हें विधान परिषद उम्मीदवार बनाए जाने को पार्टी की सामाजिक और सांस्कृतिक पहुंच को मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि श्री सिंह की लोकप्रियता आगामी चुनावी समीकरणों में भाजपा के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। 28 जून को समाप्त हो रहा है 9 सदस्यों का कार्यकाल बिहार विधान परिषद के नौ सदस्यों का कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इन्हीं रिक्त होने वाली सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव कराया जा रहा है। इस संबंध में चुनाव आयोग पहले ही अधिसूचना जारी कर चुका है। आयोग के कार्यक्रम के अनुसार यदि आवश्यक हुआ तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा। मतदान की जरूरत तभी पड़ेगी जब उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक होगी। अन्यथा निर्विरोध निर्वाचन की संभावना भी बनी रहेगी। भाजपा की रणनीति पर नजर राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भाजपा ने इस बार संगठन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और लोकप्रिय जनाधार को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। डॉ. संजय मयूख लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं जबकि अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित भी पार्टी के विभिन्न दायित्वों में महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं। अब सभी की निगाहें नामांकन प्रक्रिया और चुनावी समीकरणों पर टिकी हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने श्री पवन सिंह को पश्चिम बंगाल के आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था लेकिन बाद में उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद वह काराकाट संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय मैदान में उतरे। उनके इस नामांकन के बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इस चुनाव में श्री सिंह को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के राजाराम सिंह ने धूल चटा दी।



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