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नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर गेस्ट हाउस अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के मामले की जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा सामने आया, जिसमें गेस्ट हाउस के मालिक लवकेश बजाज को पहले बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी भारतीय पासपोर्ट और जाली पहचान दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब इस पुराने मामले को भी मौजूदा अग्निकांड से जोड़कर जांच कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि यह तथ्य पूरे मामले की तह तक पहुंचने में अहम साबित हो सकता है। अकाउंटेंट और मैनेजर के नाम पर चल रहा था काम! दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि गेस्ट हाउस के प्रशासनिक और लाइसेंस संबंधी कार्य कथित तौर पर अकाउंटेंट जय मिश्रा और मैनेजर राकेश के नाम पर किए जाते थे। अधिकारियों को शक है कि होटल मालिक ने इन्हीं के दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर एनओसी, लाइसेंस और अन्य जरूरी कागजी प्रक्रियाएं पूरी की थीं। कमरों से मिले दर्जनों मोबाइल और पासपोर्ट जांच के दौरान पुलिस ने गेस्ट हाउस के सभी कमरों की तलाशी ली, जहां से करीब 50 से 60 मोबाइल फोन और लगभग 30 पासपोर्ट बरामद किए गए। इन बरामदगी ने परिसर में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी और दस्तावेज़ प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दम घुटने से हुई अधिकांश मौतें प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग में जान गंवाने वाले अधिकांश लोगों की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने और जहरीले धुएं के कारण हुई। पुलिस के अनुसार मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की थी, जो मेडिकल वीजा पर भारत आए थे। जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि गेस्ट हाउस में हर महीने करीब 80 विदेशी मेहमान ठहरते थे। इनके रिकॉर्ड सी-फॉर्म के जरिए रखे जाते थे और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) को भेजे जाते थे। सुरक्षा व्यवस्था में मिली गंभीर लापरवाही जांच में कई गंभीर सुरक्षा खामियां भी सामने आई हैं। गेस्ट हाउस की कई खिड़कियां और ग्लास पैनल सीलबंद थे, जिससे धुआं बाहर नहीं निकल सका। वहीं, तहखाने से बाहर निकलने वाले गेट पर ताला लगा हुआ था। बचाव दल को अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने में लोहे की जालियों और अन्य बाधाओं के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि आपातकालीन निकास और उचित वेंटिलेशन की कमी ने हादसे को और भयावह बना दिया। कई पहलुओं पर जारी है जांच दिल्ली पुलिस मामले से जुड़े सभी लोगों की तलाश में जुटी है। बरामद मोबाइल फोन और पासपोर्ट की जांच की जा रही है जबकि गेस्ट हाउस की वित्तीय और संचालन व्यवस्था को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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