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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे को अधिक आधुनिक, तेज और कारोबार के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' के तहत माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स, निर्माण, वैगन डिजाइन और निजी निवेश से जुड़े आठ नए संरचनात्मक सुधारों की घोषणा की, जिनसे रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ने और परिवहन लागत घटने की उम्मीद है। क्या है 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि रेलवे ने 52 सप्ताह में 52 बड़े सुधार लागू करने का लक्ष्य तय किया है। 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' उसी अभियान का हिस्सा है, जिसके जरिए रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और कारोबार को आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इन 8 बड़े बदलावों से क्या बदलेगा फ्लाई ऐश की होगी प्रदूषण मुक्त ढुलाई अब फ्लाई ऐश को खुले वैगनों की बजाय आईएसओ कंटेनरों में ले जाया जाएगा। इससे धूल प्रदूषण कम होगा, परिवहन आसान बनेगा और सीमेंट उद्योग को बेहतर सप्लाई मिलेगी। साथ ही सड़क परिवहन पर निर्भरता भी घटेगी। पूरे देश के लिए एक ही कंटेनर लाइसेंस अब अलग-अलग श्रेणियों की जगह एक पैन-इंडिया कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर लाइसेंस मिलेगा। इससे निजी कंपनियों के लिए रेलवे नेटवर्क पर कंटेनर ट्रेनें चलाना आसान होगा और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। खाद की ढुलाई होगी आसान और तेज खाद परिवहन के लिए नई शुल्क व्यवस्था लागू होगी। अब कंटेनरों के जरिए भी खाद भेजी जा सकेगी, जिससे वितरण तेज होगा और मौसम से होने वाले नुकसान में कमी आएगी। रेलवे परियोजनाओं में कामगारों को मिलेगा स्किल सर्टिफिकेट रेलवे निर्माण कार्यों में लगे कारीगरों का कौशल परीक्षण और प्रमाणन किया जाएगा। सफल कामगारों को क्यूआर कोड वाला प्रमाणपत्र मिलेगा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा बेहतर होगी। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही रेलवे ने ठेकेदारों के लिए नए नियम लागू किए हैं। गंभीर और सक्षम ठेकेदारों को बढ़ावा मिलेगा, विवाद कम होंगे और परियोजनाएं समय पर पूरी करने में आसानी होगी। साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाया जाएगा। वैगन डिजाइन में मिलेगा नवाचार को बढ़ावा अब उद्योग और निर्माता अपनी जरूरत के मुताबिक नए मालवाहक वैगनों के डिजाइन तैयार कर सकेंगे। इससे स्टील, पेट्रोलियम, केमिकल, दूध और अन्य क्षेत्रों के लिए विशेष वैगन विकसित किए जा सकेंगे। तेल कंपनियां खुद खरीद सकेंगी टैंक वैगन नई नीति के तहत पेट्रोलियम कंपनियां अब अपनी जरूरत के मुताबिक टैंक वैगन खरीद या लीज पर ले सकेंगी। इससे परिवहन लागत घटेगी और पेट्रोलियम उत्पादों की सुरक्षित ढुलाई बढ़ेगी। अनाज, आटा और दाल की ढुलाई होगी ज्यादा सुरक्षित अब अनाज, आटा और दालों की ढुलाई कंटेनरों के जरिए भी की जा सकेगी। इससे सामान सुरक्षित रहेगा, मिलावट और खराब होने का खतरा कम होगा तथा वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। रेलवे का बड़ा लक्ष्य श्री वैष्णव ने कहा कि इन सुधारों का मकसद सड़क से अधिक माल को रेलवे की ओर लाना है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, निजी निवेश बढ़ेगा, सप्लाई चेन मजबूत होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। रेलवे के मुताबिक सड़क परिवहन की तुलना में रेल परिवहन से लगभग 90 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन होता है। रेलवे को मिलेगा लंबी अवधि का फायदा सरकार का मानना है कि नई नीतियां न सिर्फ माल ढुलाई को तेज और किफायती बनाएंगी, बल्कि भारतीय रेलवे को आधुनिक, तकनीक आधारित और प्रतिस्पर्धी बनाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी। इससे उद्योगों, किसानों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और आम उपभोक्ताओं को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलने की उम्मीद है।