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ऑकलैंड: भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी को नई गति देने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), न्यूजीलैंड के 20 अरब डॉलर के निवेश और दोनों देशों की साझा ताकत के दम पर वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना किया जा सकता है। भारत सिर्फ बाजार नहीं, दुनिया की ग्रोथ का लॉन्चपैड श्री मोदी ने शुक्रवार देर रात भारत-न्यूजीलैंड बिजनेस इवेंट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। देश में नीति और राजनीतिक स्थिरता, तेजी से बढ़ता डिजिटल इकोसिस्टम और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश वैश्विक कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक विकास का लॉन्चपैड बन चुका है। 20 अरब डॉलर का निवेश देगा नई रफ्तार प्रधानमंत्री ने बताया कि न्यूज़ीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर निवेश का संकल्प लिया है। इसे उन्होंने सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा में भागीदारी का भरोसा बताया। कृषि से स्पेस तक साझेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव श्री मोदी ने कहा कि दोनों देश कृषि, डेयरी, हॉर्टिकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, फिनटेक, स्पेस, स्मार्ट सिटी, एयर कार्गो और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में मिलकर नई संभावनाएं तलाश सकते हैं। उन्होंने कीवी, सेब, शहद और सी-फूड के लिए विशेष कार्गो समाधान विकसित करने की भी बात कही। स्पेस और फिनटेक में साथ काम करने का न्योता प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं और निजी क्षेत्र के लिए स्पेस सेक्टर खोल दिया गया है। उन्होंने छोटे उपग्रह, रिमोट सेंसिंग और ओशन मॉनिटरिंग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की कंपनियों को साथ काम करने का आमंत्रण दिया। वहीं फिनटेक के क्षेत्र में भारत की डिजिटल भुगतान क्षमता और ग्रीन बॉन्ड जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। युवा उद्यमियों के आदान-प्रदान का सुझाव श्री माेदी ने दोनों देशों के बीच 35 वर्ष से कम उम्र के युवा उद्यमियों के बड़े प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे भविष्य के कारोबारी नेतृत्व को तैयार करने और दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। पांच बड़े संयुक्त प्रोजेक्ट्स पर दिया जोर प्रधानमंत्री ने भारत और न्यूज़ीलैंड के उद्योग जगत से एक महत्वाकांक्षी बिजनेस रोडमैप तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देश अपनी ताकतों को जोड़ते हुए कम से कम पांच प्रमुख संयुक्त परियोजनाओं की पहचान करें और उन्हें तय समयसीमा में पूरा करने के लिए नियमित समीक्षा व्यवस्था भी बनाएं। इससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी।



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