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पटना/बिहारशरीफ। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने ने बुधवार को नालंदा जिले के करायपरसुराय के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (बीसीओ) संतोष कुमार को 28 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए आज रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 28 हजार रुपये लेते दबोचे गए पदाधिकारी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने 23 सितंबर को यह कार्रवाई की। ब्यूरो के मुताबिक, निगरानी थाना कांड संख्या 110/26 में आरोपित प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी संतोष कुमार को करायपरसुराय प्रखंड कार्यालय परिसर से 28 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। शिकायत से खुला मामला करायपरसुराय थाना क्षेत्र के सांध गांव निवासी शिकायतकर्ता अभिषेक कुमार ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) प्रबंधक के रूप में नियुक्ति के बाद पूर्व पैक्स प्रबंधक ने उन्हें जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए थे। इसे लेकर उन्होंने हिलसा के अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया था। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने आवेदन पर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए करायपरसुराय के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जांच रिपोर्ट और प्रभार प्रतिवेदन भेजने के एवज में उनसे रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत का सत्यापन, फिर बिछाया ट्रैप ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने के आरोप का प्रथमदृष्टया प्रमाण मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस निरीक्षक मो. नजीम उद्दीन के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक रीता सिन्हा के नेतृत्व में धावा दल बनाया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार को 28 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। विशेष न्यायालय में किया जाएगा पेश ब्यूरो ने बताया कि गिरफ्तार बीसीओ से पूछताछ के बाद उसे विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में पेश किया जाएगा। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है। 9 महीने में 101 ट्रैप केस, पिछले पूरे साल की बराबरी गौरतलब है कि इस कार्रवाई के साथ निगरानी ब्यूरो ने वर्ष 2026 में ट्रैप मामलों का एक अहम आंकड़ा छू लिया है। 23 सितंबर 2026 तक 101 ट्रैप केस दर्ज किए गए हैं। खास बात यह है कि पूरे वर्ष 2025 में भी कुल 101 ट्रैप केस दर्ज हुए थे। यानी इस साल सितंबर में ही पिछले पूरे साल के ट्रैप मामलों की संख्या की बराबरी हो गई। 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ 110वीं प्राथमिकी, 101 ट्रैप केस निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 110वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है, जिसमें 101 मामले ट्रैप से संबंधित हैं। इन मामलों में अब तक कुल 102 आरोपितों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और रिश्वत के 37 लाख 22 हजार 800 रुपये के साथ 37 हजार रुपये कीमत की एक नई वॉशिंग मशीन भी बरामद की गई है। वहीं, पिछले वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे और रिश्वत के रूप में 37 लाख 80 हजार 300 रुपये बरामद किए गए थे।