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काकामिगाहारा (जापान)। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम का अजेय अभियान रविवार को भी जारी रहा और उसने सिंगापुर की मजबूत रक्षापंक्ति को आखिरकार भेदते हुए 7-0 की शानदार जीत के साथ लगातार पांचवीं जीत दर्ज कर पूल-बी में शीर्ष स्थान हासिल किया, जिसके बाद अब 30 सितंबर को सेमीफाइनल में उसका मुकाबला दक्षिण कोरिया से होगा। पांच मैच, पांच जीत और +63 का गोल अंतर बारिश और बादलों से घिरे गिफू क्षेत्र में भारतीय टीम ने पूल चरण का अंत उसी अंदाज में किया, जैसा पूरे टूर्नामेंट में उसका प्रदर्शन रहा है—दबदबे के साथ। भारत ने पूल चरण में उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, जापान, थाईलैंड और सिंगापुर सभी पांच मुकाबले जीते। इस शानदार प्रदर्शन के बाद टीम का गोल अंतर +63 रहा। भारत के लिए पूल चरण में सबसे कड़ी चुनौती मेजबान जापान ने पेश की थी। वह मुकाबला भारतीय टीम ने संघर्षपूर्ण अंदाज में 3-1 से जीता था। अब फाइनल के टिकट के लिए दक्षिण कोरिया से भिड़ंत पूल-बी में शीर्ष पर रहने के बाद भारत का सेमीफाइनल मुकाबला 30 सितंबर को दक्षिण कोरिया से होगा। दक्षिण कोरिया ने रविवार को ही मलेशिया को 2-1 से हराकर पूल-ए में दूसरा स्थान हासिल किया। दूसरा सेमीफाइनल चीन और जापान के बीच खेला जाएगा। सुनेलिता का डबल, पांच और खिलाड़ियों ने भी दागे गोल सिंगापुर के खिलाफ भारत की जीत में सुनेलिता टोप्पो ने दो गोल दागे। उनके अलावा कप्तान सलीमा टेटे, लालरेमसियामी, रुतुजा दादासो पिसल, निक्की प्रधान और दीपिका ने एक-एक गोल किया। स्कोरलाइन भले ही 7-0 रही लेकिन मुकाबले की शुरुआत भारतीय टीम के लिए इतनी आसान नहीं थी। सिंगापुर ने शुरुआती क्वार्टर में जबरदस्त रक्षण किया और भारतीय हमलों को लगातार नाकाम किया। 27 पेनल्टी कॉर्नर, पहले क्वार्टर में नहीं खुला खाता भारत ने शुरुआती सीटी से ही गेंद और मैदान पर अपना नियंत्रण बना लिया था। पहले ही मिनट में लालरेमसियामी ने सिंगापुर की डिफेंडर के पैर पर गेंद लगवाकर भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर दिलाया लेकिन दीपिका की ड्रैग फ्लिक को रोक दिया गया। दूसरे मिनट में सफल वीडियो रेफरल के बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन सिंगापुर की रक्षापंक्ति फिर दीवार बनकर खड़ी हो गई। पूरे मुकाबले में भारत ने 27 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। शुरुआती क्वार्टर में ही पांच से अधिक पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन एक भी गोल में नहीं बदल सका। सिंगापुर की टीम बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ रक्षण करती रही और गोलकीपर फेलिसा लाई ने भी भारतीय खिलाड़ियों को काफी देर तक गोल से दूर रखा। सलीमा ने खोला खाता, फिर आया गोलों का तूफान पहला क्वार्टर गोलरहित रहने के बाद दूसरे क्वार्टर में भारतीय आक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली। 17वें मिनट में नवनीत के क्रॉस पर लगाए गए शॉट को गोलकीपर ने रोक दिया, लेकिन गेंद कप्तान सलीमा टेटे के पास पहुंची। सलीमा ने मौका नहीं गंवाया और गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद सिंगापुर की रक्षापंक्ति पर भारतीय हमले भारी पड़ने लगे। 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के बाद गोल के सामने मची हलचल के बीच सुनेलिता टोप्पो ने नजदीक से गेंद को गोल में पहुंचाकर स्कोर 2-0 कर दिया। सिर्फ दो मिनट बाद 24वें मिनट में सुनेलिता फिर चमकीं। उन्होंने नियर पोस्ट की तरफ शानदार दौड़ लगाते हुए दीपिका की पेनल्टी कॉर्नर फ्लिक को डिफ्लेक्ट कर अपना दूसरा और भारत का तीसरा गोल दाग दिया। पांच गोल के दूसरे क्वार्टर ने तोड़ी सिंगापुर की दीवार भारत यहीं नहीं रुका। 26वें मिनट में दीपिका की फ्लिक लालरेमसियामी की स्टिक से डिफ्लेक्ट होकर गोल में चली गई और स्कोर 4-0 हो गया। तीन मिनट बाद सिंगापुर की रक्षापंक्ति की गलती का फायदा रुतुजा दादासो पिसल ने उठाया। उन्होंने बेहद संयम के साथ गेंद को गोलकीपर के ऊपर से निकालते हुए 29वें मिनट में भारत को 5-0 से आगे कर दिया। इस तरह पहले क्वार्टर में एक भी गोल नहीं कर सकी भारतीय टीम ने अकेले दूसरे क्वार्टर में पांच गोल ठोक दिए और हाफ टाइम तक मुकाबले पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया। निक्की प्रधान ने किया 6-0 तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भी भारत का दबाव जारी रहा। 35वें मिनट में लगातार मिले पेनल्टी कॉर्नर साफ तौर पर नहीं रोके जा सके, लेकिन बलजीत ने गेंद को दोबारा हासिल कर हमला जिंदा रखा। गोल के सामने हुई खींचतान के बाद निक्की प्रधान ने गेंद को गोल लाइन के पार पहुंचाकर स्कोर 6-0 कर दिया। इसके बावजूद सिंगापुर ने हार नहीं मानी और अपनी रक्षापंक्ति को कॉम्पैक्ट रखा। 40वें और 42वें मिनट में लालरेमसियामी गोल के करीब पहुंचीं, लेकिन सिंगापुर की गोलकीपर ने दोनों प्रयास रोक दिए। आखिर में दीपिका की सटीक फ्लिक अंतिम क्वार्टर के शुरुआती 10 मिनट तक भी सिंगापुर ने भारत को सातवां गोल नहीं करने दिया। एक पेनल्टी कॉर्नर पर दीपिका का हवाई प्रयास भी गोलकीपर ने रोक दिया लेकिन 55वें मिनट में आखिरकार दीपिका ने अपना गोल हासिल कर लिया। एक और पेनल्टी कॉर्नर पर उन्होंने सटीक फ्लिक से गेंद को गोल के कोने में पहुंचाया और स्कोर 7-0 कर दिया। एक मिनट बाद दीपिका को फिर पेनल्टी कॉर्नर पर मौका मिला, लेकिन इस बार वह गोल नहीं कर सकीं। सिंगापुर को मिला मौका, बिचु देवी के सामने चूकीं क्वेक मुकाबले के अंतिम हिस्से में सिंगापुर को अपना सबसे अच्छा मौका मिला। भारतीय टीम से गेंद छिनने के बाद कियान जियाओ क्वेक भारतीय गोलकीपर बिचु देवी के सामने वन-ऑन-वन स्थिति में पहुंच गईं, लेकिन उनका प्रयास गोल से बाहर निकल गया। इसके साथ ही 60 मिनट पूरे हुए और भारत ने 7-0 की बड़ी जीत के साथ पूल चरण पर शानदार मुहर लगा दी। अब भारतीय महिला टीम के सामने अगली और कहीं बड़ी चुनौती 30 सितंबर को दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल की है। पांच मैचों में पांच जीत और +63 के गोल अंतर के साथ भारत नॉकआउट दौर में उतरेगा, जहां एक और जीत उसे एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचा देगी।