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मोतिहारी। बिहार के सीमाई जिले पूर्वी चंपारण में पुलिस की कार्रवाई से पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से सोशल मीडिया संपर्क की एक अहम कड़ी सामने आई है। ढाका थाना क्षेत्र से पुलिस ने मो. सैयाज आलम को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसके मोबाइल फोन में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े वीडियो-फोटो और देशविरोधी सामग्री मिली है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सैयाज द्वारा पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क से तीन बार संपर्क साधे जाने की बात सामने आई है। यह मामला केवल एक मोबाइल और सोशल मीडिया संपर्क तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, पुलिस अब इसकी पड़ताल कर रही है। खास तौर पर कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की प्रकृति, बातचीत के उद्देश्य और अन्य संभावित संपर्कों को जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 27 सितंबर को जारी जानकारी के अनुसार, 26 सितंबर की रात ढाका थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति पाकिस्तान स्थित आपराधिक/आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में है। सूचना के सत्यापन के बाद सिकरहना के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस को देखकर भागा, पीछा कर पकड़ा गया पुलिस टीम ने बिसरहिया गांव के समीप कार्रवाई की। इसी दौरान एक संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस बल ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान मो. सैयाज आलम, पिता समसुल हक, ग्राम बिसरहिया, थाना ढाका, पूर्वी चंपारण के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक फोन की जांच में आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित वीडियो, फोटो और देशविरोधी सामग्री/रील्स मिलीं। तीन संपर्कों ने बढ़ाया जांच का दायरा पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सैयाज के पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से तीन बार संपर्क की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन संपर्कों की पूरी कड़ी खंगाल रही है। जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि कथित बातचीत किस माध्यम से हुई, किससे हुई और उसका उद्देश्य क्या था। पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में सैयाज के सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के कथित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ से जुड़े अली गुज्जर के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और संपर्कों की प्रकृति तथा उनकी वास्तविक भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। मोबाइल बना जांच की अहम कड़ी बरामद मोबाइल फोन अब जांच का प्रमुख आधार है। पुलिस डिजिटल सामग्री, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार युवक का कथित नेटवर्क से संपर्क कितनी दूर तक था। साथ ही उसके अन्य संभावित संपर्कों और गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी रहने की बात कही है। कार्रवाई में सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार, ढाका थानाध्यक्ष राजरूप राय, अपर थानाध्यक्ष मो. खलील अख्तर, डीआईयू मोतिहारी के राहुल कुमार एवं कृष्णमोहन कुमार सहित पुलिस बल के जवान शामिल थे।



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