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मुंबई। अभिनेता विक्रांत मैसी ने कहा है कि राजकुमार हिरानी की फिल्मों में लोग जन्म से बुरे नहीं होते बल्कि हालात, मजबूरियां और जिंदगी के मुश्किल मोड़ उन्हें ऐसे फैसले लेने पर मजबूर कर देते हैं, जिसके कारण वही परिस्थितियां उनकी कहानियों में असली खलनायक बनकर उभरती हैं। हालात बन जाते हैं असली खलनायक जिओहॉटस्टार पर 3 जुलाई को रिलीज होने जा रही साइबर क्राइम कॉमेडी-ड्रामा सीरीज ‘प्रीतम और पेड्रो’ के प्रमोशन के दौरान विक्रांत मैसी ने कहा कि राजकुमार हिरानी की फिल्मों में खलनायक कोई व्यक्ति नहीं होता। उनकी कहानियों में हालात और चुनौतियां ही किरदारों के सामने सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़ी होती हैं। ‘लोग बुरे नहीं, हालात बुरे होते हैं’ विक्रांत ने कहा, “लोग जन्म से बुरे नहीं होते। कई बार जिंदगी की मुश्किलें, मजबूरियां और बेबसी उन्हें ऐसे फैसले लेने पर मजबूर कर देती हैं, जिनके बारे में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होता।” उन्होंने कहा कि हिरानी की फिल्मों में यही मानवीय नजरिया देखने को मिलता है, जो दर्शकों को किरदारों के करीब ले आता है। किरदारों से नफरत नहीं, हमदर्दी होती है विक्रांत के मुताबिक, राजकुमार हिरानी की फिल्मों का जादू यही है कि दर्शक किसी किरदार को सिर्फ अच्छा या बुरा मानकर नहीं देखते। कहानी इस तरह बुनी जाती है कि लोग पात्रों की परिस्थितियों को समझते हैं और उनके संघर्ष से खुद को जोड़ पाते हैं। यही वजह है कि हिरानी की फिल्मों के किरदार लंबे समय तक लोगों के जेहन में बने रहते हैं। इंसानियत रहती है कहानी के केंद्र में अभिनेता ने कहा कि हिरानी की कहानी कहने की शैली में इंसानियत सबसे अहम होती है। उनके पात्र आम लोगों की तरह होते हैं, जो जिंदगी की चुनौतियों से जूझ रहे होते हैं। यही सादगी और भावनात्मक जुड़ाव उनकी फिल्मों को खास बनाता है। 03 जुलाई को खुलेगा ‘प्रीतम और पेड्रो’ का राज वहीं, ‘प्रीतम और पेड्रो’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। साइबर क्राइम की रहस्यमयी दुनिया, हल्के-फुल्के हास्य और भावनात्मक पलों से सजी यह सीरीज 03 जुलाई को जिओहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। मेकर्स को उम्मीद है कि यह सीरीज दर्शकों को मनोरंजन के साथ एक अलग नजरिया भी देगी।