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वॉशिंगटन। ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के बीच 260 से अधिक दिन समुद्र और 150 दिन से ज्यादा युद्ध क्षेत्र में बिता चुके अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के 5000 से अधिक नौसैनिकों और मरीन की तैनाती को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने ऐतिहासिक बताया है वहीं परिवारों, सांसदों और मीडिया रिपोर्टों ने मानसिक तनाव, थकान तथा कथित खराब सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। 260 दिन समुद्र में, 150 दिन युद्ध क्षेत्र में व्हाइट हाउस ने एडमिरल ब्रैड कूपर के हवाले से बताया गया है कि यूएसएस अब्राहम लिंकन के चालक दल ने 260 से अधिक दिन समुद्र में और 150 से ज्यादा दिन युद्ध क्षेत्र में बिताए हैं। उन्होंने जहाज के दौरे के बाद कहा कि इतनी लंबी और कठिन तैनाती के बावजूद नाविकों का अनुशासन, समर्पण और मिशन के प्रति प्रतिबद्धता कमजोर नहीं हुई है। उन्होंने इस तैनाती को आधुनिक नौसैनिक इतिहास के सबसे अधिक अभियान-केंद्रित और महत्वपूर्ण अभियानों में से एक बताया। ‘थके हुए हैं, लेकिन पूरी ताकत से डटे हैं’ एडमिरल कूपर ने स्वीकार किया कि चालक दल लंबे समय से समुद्र में रहने और युद्धक दबाव के कारण थक चुका है लेकिन उसके प्रदर्शन और अभियान चलाने की क्षमता में कमी नहीं आई है। उनका कहना है कि जहाज पर तैनात नाविक देश, मिशन और अपने साथियों के प्रति पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास इस तैनाती को आधुनिक दौर की सबसे कठिन और निर्णायक समुद्री तैनातियों में गिनेगा। रिपोर्ट में दावा- लगातार 250 दिन नहीं मिला नियमित बंदरगाह विश्राम ‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि विमानवाहक पोत की तैनाती नौवें महीने में पहुंच चुकी है और चालक दल ने करीब 250 दिन लगातार समुद्र में बिताए। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान जहाज को किसी बंदरगाह पर नियमित रूप से रुकने और चालक दल को सामान्य विश्राम देने का अवसर नहीं मिला। इसे आधुनिक दौर में किसी अमेरिकी विमानवाहक पोत की सबसे लंबी लगातार समुद्री तैनातियों में से एक बताया गया है। 5,000 से अधिक नौसैनिकों और मरीन पर बढ़ता दबाव यूएसएस अब्राहम लिंकन पर 5,000 से अधिक नौसैनिक और मरीन तैनात हैं। लंबे समय तक परिवारों से दूरी, लगातार युद्धक अभियान, सीमित आराम और बंदरगाहों तक कम पहुंच ने उनके शारीरिक और मानसिक तनाव को बढ़ा दिया है।रिपोर्टों के मुताबिक जहाज पिछले करीब पांच महीने से ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों में सक्रिय रहा है। लगातार लंबी ड्यूटी और युद्ध की अनिश्चितता ने चालक दल के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की है। समुद्र में कूदने की कथित कोशिशों की खबर सैन्य समाचार संस्थानों नेवी टाइम्स और स्टार्स एंड स्ट्राइप्स ने दावा किया है कि मौजूदा तैनाती के दौरान कुछ नाविकों ने कथित तौर पर जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। एक नाविक की पत्नी ने आरोप लगाया कि लंबे समय से बढ़ती तैनाती और मानसिक थकान के बाद उसके पति ने समुद्र में कूदने का प्रयास किया। एक अन्य कथित घटना में एक नाविक ने अपने साथी को कूदने से रोकते हुए पकड़कर वापस डेक पर खींच लिया। हालांकि, इन घटनाओं की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी नौसेना ने कहा है कि उसके पास उपलब्ध जानकारी में आत्महत्या के विचारों या प्रयासों में बढ़ोतरी के कोई संकेत नहीं मिले हैं। परिवारों की बैठक में छलका दर्द सैन डिएगो में अमेरिकी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में करीब 200 पारिवारिक सदस्यों ने जहाज पर तैनात अपने प्रियजनों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। एक महिला ने दावा किया कि उसके पति ने संदेश भेजकर कहा था कि उसे उम्मीद है कि वह अगली सुबह न जागे। परिवारों ने कहा कि लंबी तैनाती और जहाज की परिस्थितियों ने नौसेना नेतृत्व पर उनके भरोसे को कमजोर किया है। बैठक में कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। फफूंद लगे स्नानघर और गर्म पानी की कमी के आरोप कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक सांसद माइक लेविन ने जहाज की स्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक नाविकों को फफूंद लगे स्नानघर, खराब शौचालय, हफ्तों तक बंद कपड़े धोने की मशीनों और लंबे समय तक गर्म पानी नहीं मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने भोजन की मात्रा के साथ साबुन, दुर्गंधरोधी उत्पाद और टूथपेस्ट जैसी रोजमर्रा की चीजों की कमी का भी दावा किया। एडमिरल कूपर बोले- पुरानी शिकायतों का समाधान हो चुका एडमिरल ब्रैड कूपर ने मीडिया रिपोर्टों में उठाए गए कई मुद्दों को पुराना बताया है। उन्होंने कहा कि भोजन, गर्म पानी और दूसरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं महीनों पहले सामने आई थीं और जहाज के नेतृत्व ने उन पर कार्रवाई कर समाधान कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने जहाज के उन हिस्सों का भी दौरा किया, जहां आम तौर पर अतिथियों को नहीं ले जाया जाता। उन्होंने कनिष्ठ नाविकों और युवा अधिकारियों से छोटे समूहों में सीधे बातचीत भी की। उनके अनुसार, जहाज पर जो स्थिति उन्होंने देखी, वह कुछ रिपोर्टों में पेश की गई तस्वीर से अलग थी।



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