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ग्लासगो (स्कॉटलैंड)। भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण और 3 रजत सहित कुल 10 पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में बॉक्सिंग का अपना सर्वश्रेष्ठ अभियान दर्ज किया और नई दिल्ली 2010, गोल्ड कोस्ट 2018 तथा बर्मिंघम 2022 के सभी पिछले रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। इन सात मुक्केबाजों ने भारत को दिलाया गोल्ड भारत के लिए साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लांबोरिया (57 किग्रा), प्रिया घनघस (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं, नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा), जादुमणि सिंह मंडेन्गबाम (55 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) ने रजत पदक अपने नाम किए। प्रीति और जैस्मिन ने दिखाई दमदार ताकत महिला 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रीति पवार ने कनाडा की एस.एस. डेलगाडो को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद जैस्मिन लांबोरिया ने महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया। साक्षी, प्रिया और अरुंधति ने भी लहराया तिरंगा महिला 51 किग्रा वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। महिला 60 किग्रा वर्ग में प्रिया घनघस ने कनाडा की एम.बी. अल-अहमदियेह को 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। वहीं, अरुंधति चौधरी ने महिला 70 किग्रा वर्ग में इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 से मात देकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण डाल दिया। सचिन और अंकुश ने पुरुष वर्ग में दिलाई सुनहरी जीत पुरुष 60 किग्रा वर्ग में सचिन सिवाच ने आखिरी राउंड में शानदार वापसी करते हुए नामीबिया के ट्राइअगेन मॉर्निंग न्डेवेलो को 3-2 के स्प्लिट फैसले से हराकर गोल्ड जीत लिया। वहीं, अंकुश पंघाल ने 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के विश्व कप चैंपियन डी. शिट्टू को 4-1 से हराकर भारत का सातवां स्वर्ण पदक पक्का किया। लवलीना ने पूरा किया मेडलों का 'ग्रैंड स्लैम' महिला 75 किग्रा वर्ग में लवलीना बोरगोहेन को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री से 4-1 के स्प्लिट फैसले से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि इस सिल्वर के साथ लवलीना ने एक खास उपलब्धि हासिल की। अब उनके पास ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स —चारों प्रमुख प्रतियोगिताओं के पदक हो गए हैं। जादुमणि और नरेंद्र ने बढ़ाई पदकों की संख्या पुरुष 55 किग्रा वर्ग में जादुमणि सिंह मंडेन्गबाम को ऑस्ट्रेलिया के जे. डिक्सन से हार के बाद रजत पदक मिला। वहीं, नरेंद्र बेरवाल ने पुरुष 90+ किग्रा वर्ग में सिल्वर जीतकर भारत के पदकों की संख्या को दोहरे अंक तक पहुंचाया। भारतीय बॉक्सिंग के लिए ऐतिहासिक अभियान कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय बन गया है। 7 गोल्ड और 3 सिल्वर के साथ भारत ने न सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि भारतीय मुक्केबाजी अब विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रही है। ग्लासगो में भारतीय मुक्केबाजों के दमदार पंचों ने देश को गौरवान्वित करने के साथ भविष्य की बड़ी उम्मीदें भी जगा दी हैं।