Full Story

मोतिहारी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक एक करोड़ रोजगार और नौकरी के अवसर सृजित करने के लक्ष्य के साथ लगातार करने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि युवा पीढ़ी के सपनों और आकांक्षाओं के अनुरूप बिहार का निर्माण सरकार की प्राथमिकता है तथा विकास की रफ्तार को गांव से शहर तक पहुंचाया जाएगा। श्री चौधरी मोतिहारी के बापू सभागार में आयोजित किसान समृद्धि सम्मेलन एवं बुद्धिजीवी-समाजसेवी सम्मान समारोह-2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार न्याय के साथ विकास के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोले जा रहे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में तीन दिवसीय बापूधाम मोतिहारी महोत्सव का उद्घाटन किया और पूर्वी चंपारण को करीब 285 करोड़ रुपये की 145 विकास योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, एयरपोर्ट, बंद चीनी मिल और मदर डेयरी समेत जिले की विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वी चंपारण को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्री चौधरी ने बिहार की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में राज्य का बजट करीब 23 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर तीन लाख 70 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ रोजगार, उद्योग, आधारभूत संरचना और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। 2027 में मोतिहारी को मिलेगा बड़ा तारामंडल : शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने समारोह को संबोधित करते हुए वर्ष 2027 में मोतिहारी को देश के सबसे बड़े तारामंडलों में से एक देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार इस समय अनिश्चित नीतियों, युद्ध और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों से गुजर रहा है, लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर हासिल की है। श्री शेखावत ने कहा कि वैश्विक स्तर पर मांग में कमी और ऊर्जा संकट के बावजूद भारत की औद्योगिक विकास दर 8.5 प्रतिशत रही है। उन्होंने इसका श्रेय सरकार की नीतियों के साथ देशवासियों की सृजनशीलता और उद्यमशीलता को दिया। ‘सत्याग्रह से विकासाग्रह’ की ओर बढ़ रहा बिहार : राधामोहन सिंह पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री एवं सांसद राधामोहन सिंह ने कहा कि देश ने अलग-अलग दौर की राजनीतिक व्यवस्थाओं को देखा है। उन्होंने कहा कि चंपारण की धरती ने देश को सत्याग्रह की चेतना दी और अब इसी धरती से ‘सत्याग्रह से विकासाग्रह’ की ओर बिहार ने करवट ली है। श्री सिंह ने मुख्यमंत्री से पूर्वी चंपारण में औद्योगिक एवं आधारभूत संसाधनों के विस्तार के साथ युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाली योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह किया। कृषि मेले में दिखी आधुनिक खेती की तस्वीर कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा की ओर से बापू सभागार परिसर में तीन दिवसीय वृहद कृषि मेला भी आयोजित किया गया है। मेले में कृषि, आधुनिक तकनीक, उन्नत खेती और किसानों से जुड़ी गतिविधियों को प्रदर्शित करने वाले दर्जनों स्टॉल किसानों और आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। किसान समृद्धि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में किसान, बुद्धिजीवी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।