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वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अब भी समझौते की इच्छा जताई है लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि बातचीत न बनने की स्थिति में अमेरिका बड़े सैन्य हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। ‘लोगों की जान नहीं लेना चाहता’ श्री ट्रंप ने लास वेगास में अपने समर्थकों को संबोधन की ‘एक्स’ पर जारी वीडियो में कहा, “मेरी पहली पसंद समझौता है, क्योंकि मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहते।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी स्तर पर अमेरिका को कठोर कदम उठाना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार है। ईरान के फोन करने का दावा अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सैन्य तैयारियों के बाद ईरान ने उनसे संपर्क कर हमला रोकने और बातचीत करने की अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद ईरान अपने ही प्रस्ताव से पीछे हट गया और बातचीत की पहल से इनकार करने लगा। उन्होंने कहा कि अब आगे क्या होता है, यह देखना होगा। ‘ईरान अमेरिका का सम्मान करता है’ श्री ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब अमेरिका की ताकत और स्थिति का सम्मान करता है। हालांकि उन्होंने किसी संभावित समझौते की समय-सीमा या बातचीत की मौजूदा स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी। क्यों रोके गए थे हमले इससे पहले ट्रंप ने रविवार को कहा था कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित हमले इसलिए रोक दिए क्योंकि दोनों देशों के बीच एक समझौते की संभावना बन रही थी। संभावित समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर खोलने जैसे मुद्दे शामिल हैं। 60 दिनों में होर्मुज़ पर समझौते का दावा ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, संभावित समझौते में ईरान और ओमान के बीच 60 दिनों के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर सहमति बनाने का प्रस्ताव शामिल है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके बंद रहने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।