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पटना/मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले में तैनात यातायात पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुजीत कुमार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। ब्यूरो ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को ट्रैप कार्रवाई के दौरान अचानक डीएसपी सुजीत कुमार की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय अनुमति मिलने पर गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की गई और बुधवार को हालत सामान्य होने के बाद उन्हें विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में पेश करने के लिए ले जाया गया। मामला एक टिपर ट्रक को रोककर छोड़ने के बदले रिश्वत मांगने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि पहले उससे 50 हजार रुपये लिए गए और इसके बाद भी अतिरिक्त रकम तथा हर महीने भुगतान करने का दबाव बनाया जा रहा था। ट्रक रोका, छोड़ने के लिए मांगे एक लाख रुपये ब्यूरो ने बताया कि मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र के गंधवारी गांव निवासी रोहित मिश्रा ने डीएसपी सुजीत कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में रोहित ने बताया कि वह अपने टिपर ट्रक, जिसका पंजीकरण नंबर बीआर32जीसी 2817 है, से निजी काम के लिए पीली बालू लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रांटी चौक पर यातायात डीएसपी सुजीत कुमार ने उनका वाहन रोक लिया। आरोप है कि ट्रक छोड़ने के बदले उनसे एक लाख रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि दबाव में आकर उन्होंने डीएसपी को 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बावजूद उनका 500 रुपये का चालान काटा गया। रोहित ने चालान की राशि जमा की और उसी दिन अपना वाहन छुड़ाकर ले गए। 50 हजार देने के बाद भी नहीं थमा दबाव शिकायत के अनुसार, ट्रक छूटने के बाद भी कथित रिश्वत की मांग जारी रही। रोहित मिश्रा ने आरोप लगाया कि डीएसपी उन पर कम से कम 20 हजार रुपये और देने का दबाव बना रहे थे। इतना ही नहीं, ट्रक चलाने के बदले हर महीने 15 हजार रुपये रिश्वत देने की मांग भी की जा रही थी। बार-बार पैसे मांगे जाने से परेशान होकर रोहित ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच में मिले रिश्वत मांगने के प्रमाण ब्यूरो ने शिकायत मिलने के बाद आरोपों का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगे जाने के प्रमाण मिलने और प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद डीएसपी सुजीत कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इस संबंध में निगरानी थाना कांड संख्या 125/26, दिनांक 26 अक्टूबर 2026, दर्ज किया गया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल गठित किया गया। टीम को आरोपी डीएसपी सुजीत कुमार के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई। 30 हजार लिए, फिर अचानक जमीन पर गिर पड़े डीएसपी निगरानी ब्यूरो की टीम ने मंगलवार की शाम मधुबनी में कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान डीएसपी सुजीत कुमार ने रिश्वत की 30 हजार रुपये की रकम अपने पास रखे एक छोटे बैग में ली थी। इसी बीच कार्यालय परिसर में वह अचानक जमीन पर गिर पड़े और छटपटाने लगे। गिरने से पहले उन्होंने रकम वाला छोटा बैग अपने अंगरक्षक की ओर जमीन पर फेंक दिया था। अंगरक्षक ने बैग उठा लिया। निगरानी टीम ने उस बैग से 30 हजार रुपये बरामद किए। अचानक हुई इस घटना के बाद ब्यूरो टीम ने पहले डीएसपी की जान बचाने और इलाज कराने को प्राथमिकता दी। अस्पताल में इलाज के बाद हुई गिरफ्तारी निगरानी टीम डीएसपी सुजीत कुमार को तत्काल मधुबनी सदर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। जब चिकित्सक ने स्पष्ट किया कि उनकी हालत हाथ धुलवाने और कानूनी कार्रवाई करने के अनुकूल है तब चिकित्सकीय अनुमति से निगरानी टीम ने उनके हाथ धुलवाए और विधिवत गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की। ब्यूरो ने उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार करने का दावा किया है। बुधवार को हालत सामान्य, मुजफ्फरपुर कोर्ट ले गई टीम ब्यूरो ने बताया कि बुधवार की शाम सदर अस्पताल, मधुबनी के चिकित्सकों ने निगरानी टीम को बताया कि डीएसपी सुजीत कुमार की स्थिति सामान्य हो गई है। चिकित्सकों ने उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए ले जाने की अनुमति दे दी। इसके बाद निगरानी टीम उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में प्रस्तुत करने के लिए रवाना हुई। मामले में आगे की जांच जारी है।