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मुंबई। ग्लोबल मार्केट से मिले शुरुआती पॉजिटिव संकेतों के बावजूद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार आईटी, एफएमसीजी, ऑटो तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों की बिकवाली के दबाव से अपनी बढ़त संभाल नहीं सका और कारोबार के आखिर में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सुबह दिखी तेजी, बाद में बदल गया बाजार का मिजाज घरेलू शेयर बाजार में शुरुआत में तेजी का माहौल रहा, लेकिन बाद में तस्वीर बदल गई और प्रमुख इंडेक्स दबाव में आ गए। दिग्गज शेयरों में बिकवाली का असर खास तौर पर सेंसेक्स पर दिखाई दिया। हालांकि बड़े शेयरों की कमजोरी के बीच छोटे और मझोले शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया। सेंसेक्स 76,152 पर, निफ्टी 23,900 के नीचे बीएसई सेंसेक्स 417.49 अंक यानी 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,152.86 पर रहा। वहीं, एनएसई निफ्टी 41 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 23,873.45 पर आ गया। इस तरह निफ्टी 23,900 के स्तर से नीचे फिसल गया। दिग्गज फिसले, लेकिन मिडकैप-स्मॉलकैप में दिखा दम बेंचमार्क इंडेक्स की कमजोरी के उलट ब्रॉडर मार्केट में तस्वीर बेहतर दिखाई दी। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.15 प्रतिशत बढ़कर 17,098.91 पर रहा, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 1.01 प्रतिशत की मजबूत तेजी के साथ 7,264.06 पर पहुंच गया।यानी सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव के बावजूद बाजार में बिकवाली हर तरफ नहीं थी। छोटे शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। रियल्टी बना बाजार का स्टार, 2.39 प्रतिशत उछला इंडेक्स सेक्टोरल मोर्चे पर बीएसई रियल्टी इंडेक्स 2.39 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले प्रमुख इंडेक्स में रहा।इसके अलावा बीएसई हाउसिंग फाइनेंस 1.05 प्रतिशत, कैपिटल गुड्स 0.95 प्रतिशत, मिडस्मॉल प्राइवेट बैंक्स 0.88 प्रतिशत, इंडस्ट्रियल्स 0.75 प्रतिशत, सर्विसेज 0.53 प्रतिशत, पीएसयू बैंक 0.50 प्रतिशत और पावर 0.46 प्रतिशत मजबूत रहे। बीएसई हॉस्पिटल्स में 0.43 प्रतिशत और कमोडिटीज में 0.25 प्रतिशत की बढ़त रही। आईटी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव दूसरी तरफ टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। बीएसई फोकस्ड आईटी 1.01 प्रतिशत और बीएसई इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी 1 प्रतिशत नीचे रहा। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.61 प्रतिशत, ऑटो 0.47 प्रतिशत, एफएमसीजी 0.45 प्रतिशत और टेलीकम्युनिकेशन 0.44 प्रतिशत कमजोर रहे। टाइटन सबसे ज्यादा टूटा, ट्रेंट और आईटीसी भी फिसले सेंसेक्स शेयरों में टाइटन पर सबसे ज्यादा दबाव दिखाई दिया। इसका शेयर 2.17 प्रतिशत गिरकर 4,960 रुपये पर आ गया। ट्रेंट 1.93 प्रतिशत टूटकर 2,807.35 रुपये , आईटीसी 1.63 प्रतिशत गिरकर 262.15 रुपये और महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,140 रुपये पर रहा। बजाज फिनसर्व में 1.61 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.55 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 1.54 प्रतिशत, सन फार्मा में 1.50 प्रतिशत और टीसीएस में 1.41 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। इन्फोसिस और रिलायंस भी लाल निशान में दिग्गज शेयरों में कमजोरी का दायरा काफी बड़ा रहा। अल्ट्राटेक सीमेंट 1.38 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 1.13 प्रतिशत, कोटक महिंद्रा बैंक 1.10 प्रतिशत, मारुति सुजुकी 1.07 प्रतिशत, इंडिगो 1.04 प्रतिशत और हिंदुस्तान यूनिलीवर 1 प्रतिशत नीचे रहे। इन्फोसिस 0.98 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.92 प्रतिशत फिसले। पावर ग्रिड, एलएंडटी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी और इटरनल भी लाल निशान में रहे। गिरते बाजार में एक्सिस बैंक और अदाणी पोर्ट्स चमके कमजोर बाजार के बीच कुछ दिग्गज शेयरों ने मजबूती दिखाई। एक्सिस बैंक 0.89 प्रतिशत बढ़कर 1,266.15 रुपये और अदाणी पोर्ट्स 0.82 प्रतिशत चढ़कर 1,686.60 रुपये पर रहा। एशियन पेंट्स में 0.53 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में 0.44 प्रतिशत और भारती एयरटेल में 0.23 प्रतिशत की तेजी रही। बीईएल और टाटा स्टील भी मामूली बढ़त में रहे। वॉल स्ट्रीट में तेजी, एशिया में मिला-जुला रुख ग्लोबल बाजारों की तस्वीर मिली-जुली रही। अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले सत्र में तेजी देखने को मिली थी और डाउ जोंस, एसएंडपी 500 तथा नैस्डैक बढ़त में रहे थे। वहीं, एशियाई बाजारों में एक जैसी चाल नहीं दिखाई दी। जापान के निक्केई 225 , दक्षिण कोरिया के कोस्पी , ऑस्ट्रेलिया के एएसएक्स 200 और हांगकांग के हैंग सेंग की अलग-अलग चाल ने निवेशकों को सतर्क रखा। कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर भी नजर ग्लोबल मार्केट में निवेशकों की निगाह कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर भी बनी हुई है। कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए अहम माना जाता है, क्योंकि इसकी तेज बढ़त महंगाई और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता बढ़ा सकती है। वहीं, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की चाल भी ग्लोबल शेयर बाजारों में निवेशकों के रुख को प्रभावित करने वाले अहम संकेतों में शामिल है। अमेरिकी जॉब डेटा और फेड पर टिकी निगाह ग्लोबल निवेशकों की नजर अब अमेरिका से आने वाले रोजगार के आंकड़ों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के अगले कदम पर है। रोजगार के आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था की हालत के साथ ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों पर भी असर डाल सकते हैं। घरेलू बाजार की मौजूदा चाल का बड़ा संकेत यह है कि लार्जकैप शेयरों पर दबाव के बावजूद मिडकैप और खासकर स्मॉलकैप में खरीदारी का दम बना हुआ है । अब बाजार की आगे की दिशा में आईटी शेयरों की चाल, ग्लोबल संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनने वाला माहौल अहम साबित हो सकता है।