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मुंबई। अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की बिकवाली के असर से घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को आईटी और बैंकिंग शेयरों पर दबाव रहा, जिसके चलते पांच कारोबारी सत्रों से जारी तेजी थम गई और सेंसेक्स 607 अंक तथा निफ्टी 155 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 अंक पर आ गया। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को दोनों सूचकांक छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद हुए थे। अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का दिखा असर विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में हुई बिकवाली का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा। भारतीय आईटी कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिकी बाजारों से जुड़ा है, इसलिए वहां की नकारात्मक धारणा का असर यहां के निवेशकों के फैसलों पर भी पड़ा। नतीजतन, आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा और इसका सूचकांक 3.65 प्रतिशत तक लुढ़क गया। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में भी आईटी कंपनियां ही शामिल रहीं। इंफोसिस में सबसे बड़ी गिरावट दिनभर के कारोबार में आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रहा। इंफोसिस का शेयर 6.69 प्रतिशत टूटकर सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। इसके अलावा टीसीएस में 3.53 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 2.74 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 2.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग क्षेत्र में भी कमजोरी देखने को मिली। एचडीएफसी बैंक का शेयर 2.32 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 1.01 प्रतिशत गिरा। महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.11 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.39 प्रतिशत और हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.02 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके अलावा टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, भारतीय स्टेट बैंक, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, अडानी पोर्ट्स और बीईएल के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। बड़े शेयर टूटे, लेकिन छोटे निवेशकों को मिली राहत जहां प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही, वहीं व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.10 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। यह संकेत देता है कि निवेशकों की रुचि अभी भी मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में बनी हुई है। बड़े शेयरों में बिकवाली के बावजूद छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में खरीदारी जारी रही। इन शेयरों ने संभाला मोर्चा गिरावट वाले बाजार में कुछ शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। इटरनल का शेयर 2.21 प्रतिशत चढ़ा। भारती एयरटेल में 1.80 प्रतिशत, पावरग्रिड में 1.32 प्रतिशत और एनटीपीसी में 1.04 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा टाइटन, आईटीसी, ट्रेंट, सन फार्मा, एलएंडटी और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन सेक्टरों के सूचकांक हरे निशान में रहे। बाजार की चौड़ाई रही सकारात्मक एनएसई में कुल 3,401 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से 1,760 शेयरों में बढ़त रही, जबकि 1,522 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। 119 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भले ही प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे हों, लेकिन बाजार के बड़े हिस्से में खरीदारी का माहौल बना रहा। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि हांगकांग का हैंग सेंग 1.59 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.43 प्रतिशत गिर गया। यूरोपीय बाजारों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखा गया। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.33 प्रतिशत और जर्मनी का डैक्स 0.04 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। आगे क्या रहेगी बाजार की दिशा विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में यह गिरावट फिलहाल मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों का असर है। यदि अमेरिकी बाजारों में स्थिरता लौटती है और आईटी शेयरों में बिकवाली थमती है, तो भारतीय बाजार फिर से तेजी की राह पकड़ सकता है। हालांकि अगले सप्ताह निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कॉर्पोरेट नतीजों पर बनी रहेगी। प्रमुख आंकड़े * सेंसेक्स : 76,802.90 (-607.08 अंक) * निफ्टी : 24,013.10 (-154.90 अंक) * आईटी इंडेक्स: -3.65% * इंफोसिस : -6.69% * टीसीएस : -3.53% * मिडकैप-50 : +0.10% * स्मॉलकैप-100 : +0.42%