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पटना। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में 10 अधिकारियों के खिलाफ कड़े दंड को मंजूरी दी है, जिनमें समस्तीपुर की एक महिला अफसर को नौकरी से बर्खास्त करने की अनुशंसा भी शामिल है और इस ताजा एक्शन के साथ ही अब तक गाज गिरने वाले दागी अफसरों की कुल संख्या बढ़कर 42 हो गई है। सबसे बड़ी गाज: समस्तीपुर की महिला अफसर होंगी नौकरी से बर्खास्त इस पूरी कार्रवाई में सबसे बड़ा हंटर प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (समस्तीपुर) अंजली कुमारी आनंद पर चला है। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है। क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई : दरअसल, अंजलि कुमारी जुलाई 2021 से ही बिना किसी सूचना के दफ्तर से गायब (अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित) चल रही थीं। हद तो तब हो गई जब उन्होंने विभाग द्वारा शुरू की गई जांच में भी कोई सहयोग नहीं किया। आखिरकार विभाग ने उन्हें नौकरी से ही बाहर करने का मन बना लिया है। इन 9 अधिकारियों पर भी चला विभाग का डंडा, देखें लिस्ट अधिकारी का नाम पद और तैनाती विभाग द्वारा दिया गया दंड कुमारी आंचल अंचल अधिकारी (सीओ), छपरा सदर निन्दन दंड (सख्त निंदा) रविन्द्र कुमार चौपाल सीओ, अस्थावां निन्दन दंड (सख्त निंदा) राकेश कुमार अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण निन्दन दंड (सख्त निंदा) अविनाश कुमार तत्कालीन अंचल अधिकारी, बोधगया एक वेतन वृद्धि (सैलरी इंक्रीमेंट) रोकने का दंड कौशिका कुमारी सीओ, मधेपुर सख्त चेतावनी जारी ज्ञानीन्द्र तत्कालीन सीओ, मोकामा आरोप पत्र (चार्ज शीट) गठित नारायण राजा सीओ, हथुआ चार्ज शीट गठित संजीव कुमार सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, गया चार्ज शीट गठित राम कुमार रमन राजस्व अधिकारी, गया सदर विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्णय अंजली कुमारी आनंद के अलावा बिहार के अलग-अलग जिलों के 9 अन्य अधिकारियों को भी उनके कारनामों के लिए अलग-अलग सजा दी गई है: "भ्रष्टाचारियों और लापरवाहों के लिए कोई जगह नहीं" : डॉ. जायसवाल इस ताबड़तोड़ एक्शन के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. जायसवाल ने साफ शब्दों में भ्रष्ट और कामचोर अफसरों को चेतावनी देते हुए कहा, "राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार, अनियमितता, कर्तव्यहीनता और लापरवाही के लिए रत्ती भर भी जगह नहीं है। आम जनता के काम को अटकाने या परेशान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ यह हंटर आगे भी चलता रहेगा। सरकार का एकमात्र लक्ष्य जनता को एक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-हितैषी प्रशासन देना है।" रडार पर हैं ये मामले, आगे भी गिरेगी गाज गौरतलब है कि विभाग में सफाई का यह अभियान नया नहीं है। इससे पहले भी 32 अंचल अधिकारियों (सीओ) और राजस्व पदाधिकारियों पर एक्शन हो चुका है। हाल ही में एक और राजस्व अधिकारी सोनी कुमारी को भी बर्खास्त करने की सिफारिश की गई थी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनता से जुड़े इन मामलों पर पैनी नजर रखी जा रही है और इनमें लापरवाही मिलने पर सीधे सस्पेंशन या बर्खास्तगी होगी: दाखिल-खारिज (म्युटेशन) में देरी जमाबंदी और भू-अभिलेखों में गड़बड़ी सरकारी भूमि का संरक्षण न करना भू-हदबंदी और आरटीआई (आरटीआई) मामलों को लटकाना