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पटना। बिहार की निगरानी अन्वेषण ब्यूरो टीम ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार के खिलाफ कथित तौर पर 1.01 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पटना, नालंदा और खगड़िया स्थित तीन ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, लाखों रुपये के आभूषण, 13 अचल संपत्तियों और करोड़ों रुपये के जमीन जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा किया है। खुलासा: ज्ञात आय से करीब 61 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति का आरोप ब्यूरो ने शुक्रवार को बताया कि संजय कुमार के खिलाफ एक करोड़ एक लाख एक हजार रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति उनकी कुल ज्ञात आय से करीब 61 प्रतिशत अधिक है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। तीन शहर, तीन ठिकाने और एक साथ छापेमारी विशेष निगरानी न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने के बाद ब्यूरो की तीन टीमों ने 14 अगस्त 2026 को एक साथ कार्रवाई शुरू की। तलाशी पटना और नालंदा स्थित आवासों के साथ खगड़िया स्थित कार्यालय अथवा आवासीय परिसर में की गई। घर से मिली नकदी और लाखों के गहने निगरानी को तलाशी के दौरान 1.29 लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है। इसके साथ ही करीब 18.85 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और 68,574 मूल्य के चांदी के गहने मिले हैं। 13 अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड, कीमत 1.88 करोड़ रुपये सबसे बड़ा खुलासा अचल संपत्तियों को लेकर हुआ। निगरानी की प्राथमिकी में कुल 13 अचल संपत्तियों का उल्लेख है, जिनका कुल मूल्य करीब एक करोड़ 88 लाख एक हजार रुपये बताया गया है। एजेंसी का दावा है कि ये संपत्तियां आरोपी अधिकारी और उनके परिजनों के नाम पर अर्जित की गईं। हालांकि इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और धन के स्रोत की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। बिहारशरीफ में मिला एक और तीन मंजिला मकान तलाशी के दौरान निगरानी टीम को बिहारशरीफ में एक अन्य तीन मंजिला आवासीय भवन का भी पता चला। एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि इस मकान का निर्माण कब और किन आर्थिक स्रोतों से कराया गया तथा इसका स्वामित्व किसके नाम दर्ज है। तीन जमीन समझौतों ने बढ़ाया शक तलाशी में तीन जमीन समझौतों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इन जमीन सौदों का कुल मूल्य एक करोड़ 28 लाख 66 हजार 277 रुपये बताया गया है। इन सौदों के लिए बयाना के रूप में करीब 20 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका था। अब जांच का प्रमुख सवाल यह है कि इस भुगतान की रकम कहां से आई और उसका वैध स्रोत क्या था। फ्लैट से पैतृक घर तक पहुंची जांच इंजीनियर संजय कुमार पथ निर्माण विभाग के खगड़िया पथ प्रमंडल में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। उनका पटना के पटेल नगर स्थित एक अपार्टमेंट में फ्लैट और नालंदा जिले के बिहारशरीफ क्षेत्र में पैतृक आवास बताया गया है। इन्हीं पतों के साथ खगड़िया स्थित कार्यालय अथवा आवास को भी तलाशी के दायरे में रखा गया। कागजों में सिर्फ शुरुआत, आगे खुल सकते हैं और राज अब तक सामने आए दस्तावेजों में नकदी और आभूषण से ज्यादा बड़ा हिस्सा जमीन तथा भवनों का है। निगरानी टीम बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों की खरीद की तारीख, भुगतान के तरीके और परिजनों के नाम दर्ज परिसंपत्तियों की भी जांच कर सकती है। एजेंसी ने साफ किया है कि मामले का अनुसंधान अभी जारी है। ऐसे में छापेमारी और दस्तावेजों की जांच के बाद संपत्ति का आंकड़ा बढ़ भी सकता है या कुछ दावों में बदलाव भी संभव है।