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पटना/बेतिया। बिहार में पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने कार्रवाई करते हुए डेटा एंट्री ऑपरेटर राज कुमार मिश्रा को आज 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि मामले की शुरुआत तब हुई जब पश्चिम चंपारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बरवत परसाइन निवासी बालेश्वर कुमार (पिता- कृपा नारायण महतो) ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी जमाबंदी का लॉक खोलने के एवज में अंचल कार्यालय में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर राज कुमार मिश्रा द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में विशेष धावा दल का गठन किया गया और आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई। विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए राज कुमार मिश्रा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए अंचल कार्यालय, बेतिया से रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसे विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा। 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ 73वीं प्राथमिकी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में यह 73वीं प्राथमिकी है। इसी वर्ष अब तक ट्रैप से संबंधित 68 मामलों में कुल 68 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्यूरो द्वारा अब तक 27.01 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है।



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