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मोतिहारी/पटना। नेपाल के तराई इलाकों और सीमावर्ती जिलों में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते बिहार के उत्तरी हिस्से में बाढ़ का गंभीर संकट मंडराने लगा है। पूर्वी चम्पारण में प्रमुख नदियां उफान पर हैं और वाल्मीकिनगर बैराज से 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी का भारी डिस्चार्ज किए जाने के बाद निचले व दियारा इलाकों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। गंडक और लालबकैया नदियों का रौद्र रूप देखकर प्रशासन ने जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और बचाव तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। गंडक बराज और दोनों नदियां कई स्थानों पर खतरा के निशान को पार कर गईं हैं। ​खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं गंडक और लालबकैया, बांधों पर भारी दबाव जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, मोतिहारी द्वारा 27 सितम्बर को जारी ताजा जलस्तर बुलेटिन के अनुसार नदियों का बहाव लगातार विकराल होता जा रहा है। वाल्मीकिनगर बैराज से दोपहर 2:00 बजे 4.49 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जो शाम 4:00 बजे बढ़कर 4.74 लाख क्यूसेक और शाम 6:00 बजे से रात 8:00 बजे के बीच रिकॉर्ड 5,01,650 क्यूसेक तक पहुंच गया। इस भारी डिस्चार्ज से नदियों में अप्रत्याशित उछाल आया है। गोआबारी में लालबकैया नदी खतरे के निशान 71.12 मीटर को तोड़कर रात 8:00 बजे 71.60 मीटर पर पहुंच गई है और इसके जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। उधर डुमरिया घाट पर गंडक नदी लाल निशान 62.22 मीटर को काफी पीछे छोड़ते हुए 63.35 मीटर के स्तर पर बह रही है, जिससे सुरक्षा तटबंधों पर पानी का भारी दबाव बन गया है। इसके साथ ही लालबेगिया सिकरहना 60.10 मीटर, गंडक चटिया 67.72 मीटर और अहिरौलिया में बूढ़ी गंडक 54.97 मीटर पर दर्ज की गई हैं, जिनका जलस्तर दोपहर से लगातार ऊपर की ओर चढ़ रहा है। ​संग्रामपुर में वार-रूम तैयार, अधिकारियों की 24 घंटे दो पालियों में तैनाती गंडक नदी में भारी पानी के सैलाब और जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से जन-धन एवं मवेशियों के भारी नुकसान की आशंका को देखते हुए अंचल प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। अंचलाधिकारी संग्रामपुर के आदेश पर विस्वान भवन में 24 घंटे सक्रिय रहने वाला आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया गया है। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) अर्पणा को इस पूरे रेस्क्यू और निगरानी तंत्र का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। नियंत्रण कक्ष को राउंड-द-क्लॉक संचालित रखने के लिए दिन और रात की दो पालियों में अधिकारियों व कर्मियों को उतारा गया है। सुबह 06:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक की पाली में महिला पर्यवेक्षिका संध्या कुमारी, कुमारी सुशीला चौधरी और माधुरी कुमारी कमान संभाल रही हैं, जबकि शाम 05:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक की रात्रि पाली में अंचल अमीन अमरजीत कुमार, अजीत कुमार और कार्यपालक सहायक नवीन कुमार को मोर्चा दिया गया है। ​दूरभाष से पल-पल की रिपोर्ट तलब, मुख्यालय से लेकर फील्ड तक अलर्ट आपदा नियंत्रण कक्ष में तैनात सभी कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे दूरभाष और वायरलेस माध्यमों से तटबंधों की स्थिति, गांवों में जलभराव और जलस्तर के उतार-चढ़ाव की एक-एक सूचना तत्काल संकलित कर वरीय अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। संभावित खतरे को 'अति महत्वपूर्ण' मानते हुए अंचल प्रशासन ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरेराज और आपदा प्रबंधन शाखा मोतिहारी को भी पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।