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पटना। बिहार में पटना की एक विशेष अदालत ने विदेशी सामानों की तस्करी के जुर्म में घटना के 27 वर्ष बाद आज एक व्यक्ति को दो वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आर्थिक अपराध के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश आफताब आलम ने मामले में सुनवाई के बाद सीतामढ़ी जिले के जवाहर चौक निवासी देवानंद प्रसाद को सीमा शुल्क अधिनियम के प्रावधानों के तहत दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को दो माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। आरोप के अनुसार, 11 जनवरी 1999 को सीमा शुल्क के अधिकारियों ने सीतामढ़ी में गुप्त सूचना के आधार पर एक ट्रक को रुकवा कर तलाशी ली और उस ट्रक से विदेशी बॉल बेयरिंग और रोलर बेयरिंग बरामद किया जिस पर सीमा शुल्क अदा नहीं किया गया था। ट्रक से ही दोषी देवानंद प्रसाद को गिरफ्तार किया गया था। देवानंद की निशानदेही पर एक और ट्रक से विदेशी बॉल बेयरिंग को जप्त किया गया था और तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। जब्त किए गए सामानों की कीमत 24 लाख 67 हजार 240 रुपये बताई गई थी। इस मामले के तीन अन्य आरोपितों रफाहत अली, वीरेंद्र सिंह और रामानंद प्रसाद को अदालत ने आज फरार घोषित कर दिया। तीनों आरोपित लंबे समय से फरार चल रहे थे।



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