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पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मधुबनी के रामपट्टी मंडल कारागार में न्यायिक हिरासत के दौरान 19 वर्षीय रोशन यादव की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए स्वतंत्र जांच, पुलिस और जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब करने तथा हिरासत में मौत से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों के पालन की जांच कराने का अनुरोध किया है। 10 अगस्त को जेल में मृत मिला था रोशन श्री यादव ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के भेजे गए पत्र को रविवार को मीडिया से साझा। उन्होंने पत्र में कहा है कि रोशन यादव 27 मई 2026 से न्यायिक हिरासत में था और 10 अगस्त को मधुबनी के रामपट्टी स्थित मंडल कारागार के भीतर मृत पाया गया। जेल प्रशासन ने कथित रूप से उसकी मौत फांसी लगाने से होने की बात कही है। पत्र में कहा गया है कि रोशन के परिजन जेल प्रशासन के दावे से सहमत नहीं हैं। परिवार ने उसके शरीर पर चोट के कई निशान होने का आरोप लगाया है। साथ ही दावा किया गया है कि गिरफ्तारी के बारे में निकट संबंधियों को कोई लिखित सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने आयोग से इन आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से जांच कराने की मांग की है। विधवा मां और दो बहनों का था सहारा पत्र में रोशन को कम आय वाले गरीब परिवार का सदस्य बताया गया है, जिसकी जिम्मेदारी उसकी विधवा मां और दो बहनों पर है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए मामले में निष्पक्ष जांच के साथ आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जानी चाहिए। डीजीपी और जेल महानिदेशक से रिपोर्ट मांगने की अपील श्री यादव ने आयोग से मामले का संज्ञान लेकर बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कारा महानिदेशक से विस्तृत रिपोर्ट मांगने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि केवल विभागीय जांच पर निर्भर रहने के बजाय आयोग की स्वतंत्र निगरानी जरूरी है, ताकि मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें। दो थानों की सीसीटीवी फुटेज जांचने की मांग पत्र में गिरफ्तारी से लेकर जेल में मौत तक की पूरी समयावधि से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की गई है। राजद नेता ने विशेष रूप से दो अलग-अलग पुलिस थानों की फुटेज मंगाने और सुरक्षित रखने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही यह जांचने की मांग की गई है कि हिरासत के दौरान अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण किए गए थे या नहीं और परिवार को समय पर सूचना दी गई थी या नहीं। पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी पर भी जोर नेता प्रतिपक्ष ने आयोग से यह सत्यापित करने का आग्रह किया है कि पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी सहित हिरासत में मौत से जुड़े मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन हुआ या नहीं। उन्होंने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट को निश्चित समय-सीमा के भीतर आयोग के सामने रखने की मांग की है। पत्र के मुताबिक, मधुबनी प्रशासन ने आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मजिस्ट्रेट जांच कराने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही है। हालांकि श्री यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग से सीधे निगरानी करने का अनुरोध किया है। परिवार को जानकारी और उचित राहत देने की मांग राजद नेता ने आयोग से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि जांच की प्रगति से रोशन के परिवार को लगातार अवगत कराया जाए और आयोग परिस्थितियों के अनुसार जो उचित समझे, वह राहत परिवार को प्रदान की जाए।



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