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मुंबई। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और स्वर्ण भंडार में मजबूत बढ़ोतरी की बदौलत देश का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 11.475 अरब डॉलर की बड़ी बढ़त के साथ पहली बार 740 अरब डॉलर का स्तर पार करते हुए रिकॉर्ड 740.803 अरब डॉलर पर पहुंच गया और यह लगातार नौवां सप्ताह है जब इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नौ हफ्तों से लगातार बढ़ रहा फॉरेक्स रिजर्व रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले नौ हफ्तों में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में कुल 73.87 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। यानी फॉरेक्स रिजर्व में लगातार मजबूती बनी हुई है और अब यह अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।इस ताजा उछाल ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को पहली बार 740 अरब डॉलर के ऊपर पहुंचा दिया है। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में सबसे बड़ी छलांग विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां आलोच्य सप्ताह में 9.337 अरब डॉलर बढ़कर 600.67 अरब डॉलर हो गईं। अक्टूबर 2024 के बाद करीब 22 महीने में पहली बार विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 600 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंची हैं। डॉलर ही नहीं, ये करेंसी भी होती हैं शामिल विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में सिर्फ अमेरिकी डॉलर ही शामिल नहीं होता। इसमें जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड और यूरो जैसी दूसरी प्रमुख मुद्राएं भी शामिल रहती हैं। इन मुद्राओं के मूल्य का आकलन अमेरिकी डॉलर की तुलना में उनकी संदर्भ दर के आधार पर किया जाता है। गोल्ड रिजर्व भी मजबूत, 116 अरब डॉलर के पार विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के साथ देश के स्वर्ण भंडार में भी बड़ी बढ़त देखने को मिली। 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में गोल्ड रिजर्व 2.191 अरब डॉलर बढ़कर 116.409 अरब डॉलर हो गया। यह इस साल 15 मई के बाद सोने के भंडार का सबसे ऊंचा स्तर है। आईएमएफ रिजर्व और एसडीआर में मामूली कमी हालांकि विदेशी मुद्रा भंडार के सभी हिस्सों में बढ़ोतरी नहीं हुई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत की आरक्षित निधि में 1.1 करोड़ डॉलर की कमी आई और यह घटकर 4.914 अरब डॉलर रह गई। वहीं, विशेष आहरण अधिकार यानी एसडीआर में 4.3 करोड़ डॉलर की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 18.81 अरब डॉलर पर आ गया।



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