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नई दिल्ली। सरकार ने डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है, जिसके तहत डीजल पर 50 पैसे और एटीएफ पर 3 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है जबकि पेट्रोल निर्यात पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जानिए अब कितना देना होगा टैक्स वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, एक्सपोर्ट होने वाले डीजल पर उत्पाद शुल्क 13.50 रुपये से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, एटीएफ पर यह शुल्क 9.50 रुपये से बढ़कर 12.50 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल को नहीं छुआ सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है। यह पहले की तरह 1.50 रुपये प्रति लीटर ही रहेगा। दो हफ्ते पहले मिली थी बड़ी राहत दिलचस्प बात यह है कि 1 जून को सरकार ने डीजल, पेट्रोल और ATF पर निर्यात शुल्क में कटौती की थी। लेकिन अब सिर्फ 15 दिन बाद 16 जून से डीजल और ATF पर फिर से शुल्क बढ़ा दिया गया है। आम लोगों पर नहीं पड़ेगा असर यह बढ़ा हुआ शुल्क सिर्फ निर्यात पर लागू होगा। देश के अंदर बिकने वाले पेट्रोल, डीजल या विमान ईंधन की कीमतों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा। पड़ोसी देशों को भी छूट सरकारी तेल कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किए जाने वाले निर्यात पर ये नई दरें लागू नहीं होंगी। आखिर क्यों बढ़ाया गया टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार वैश्विक तेल कीमतों, घरेलू उपलब्धता और राजस्व जरूरतों को देखते हुए समय-समय पर निर्यात शुल्क में बदलाव करती रहती है। इस कदम को भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।



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