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मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने की चिंता और तेजी से बढ़ते आईपीओ बाजार समेत कई कारकों के दबाव में मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ बीएसई सेंसेक्स 555.23 अंक यानी 0.73% गिरकर 75,577.58 पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 144.05 अंक यानी 0.61% टूटकर 23,635.10 पर आ गया। बड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप ने बाजार को कुछ सहारा दिया। मिडकैप इंडेक्स 0.27% बढ़कर 17,042.08 और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.17% चढ़कर 7,296.53 पर रहा। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर के करीब बंद सेंसेक्स ने मंगलवार को 75,970.28 पर कारोबार की शुरुआत की और दिन में 76,012.11 के उच्च स्तर तक पहुंचा। हालांकि बिकवाली बढ़ने के बाद यह 75,553.35 तक फिसल गया। आखिर में सेंसेक्स पिछले बंद 76,132.81 के मुकाबले 555.23 अंक की गिरावट के साथ 75,577.58 पर बंद हुआ। यानी बाजार ने शुरुआती स्तर को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन दिन बढ़ने के साथ बिकवाली हावी होती गई। एनएसई निफ्टी का हाल भी सेंसेक्स जैसा ही रहा। सूचकांक 144.05 अंक यानी 0.61% गिरकर 23,635.10 पर बंद हुआ। इस तरह लगातार दूसरे दिन प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। क्यों गिर रहा बाजार? ये कारण बना रहे दबाव निवेशकों की धारणा पर एक साथ कई कारकों का असर पड़ रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार के लिए चिंता बनी हुई हैं। इसके साथ ही फेड की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने की आशंका ने भी दबाव बढ़ाया है। तेजी से सक्रिय आईपीओ बाजार और दूसरे कारक भी बाजार में जारी धीमी गिरावट में योगदान दे रहे हैं। इन परिस्थितियों के बीच निवेशकों ने खास तौर पर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा से जुड़े शेयरों में सतर्क रुख अपनाया। बैंकिंग और इंश्योरेंस शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव सेक्टोरल तस्वीर में वित्तीय क्षेत्र कमजोर दिखाई दिया। फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.80%, प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.88%, बैंक इंडेक्स 0.63% और टॉप-10 बैंक इंडेक्स 0.97% गिरा। सबसे ज्यादा दबाव इंश्योरेंस इंडेक्स पर रहा, जो 1.05% नीचे आया।इसके अलावा ऑयल एंड गैस में 0.64%, एनर्जी में 0.48% और रियल्टी में 0.40% की गिरावट दर्ज हुई। गिरते बाजार में कैपिटल गुड्स ने दिखाई ताकत बाजार की पूरी तस्वीर हालांकि लाल नहीं रही। कुछ सेक्टरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। कैपिटल गुड्स इंडेक्स 1.30% की बढ़त के साथ मजबूत रहा। हेल्थकेयर में 0.64%, पावर में 0.68%, इंडस्ट्रियल्स में 0.58% और सर्विसेज में 0.41% की तेजी रही। मिड-स्मॉल प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी 0.38% चढ़ा। आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज्यादा टूटा सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक पर सबसे ज्यादा दबाव रहा। शेयर 2% गिरकर 1,399.50 रुपये पर बंद हुआ।इसके बाद एक्सिस बैंक 1.72% , अल्ट्राटेक सीमेंट 1.23% , कोटक महिंद्रा बैंक 1.20% , रिलायंस इंडस्ट्रीज 1.16% और एचडीएफसी बैंक 1.11% नीचे आया। सन फार्मा में 0.98% , मारुति में 0.96% , ट्रेंट में 0.78% , एशियन पेंट्स में 0.76% और टाटा स्टील तथा एलएंडटी में 0.75-0.75% की गिरावट दर्ज हुई। गिरावट के बीच बीईएल ने लगाई 1.48% की छलांग कमजोर बाजार में भी कुछ बड़े शेयर निवेशकों को राहत देते नजर आए। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) 1.48% चढ़कर 410.50 रुपये पर पहुंच गया। अदाणी पोर्ट्स 1.06% , हिंदुस्तान यूनिलीवर 0.84% , इंडिगो 0.49% , एचसीएल टेक 0.23% , टाइटन 0.22% और एसबीआई 0.20% बढ़े। इटर्नल और टेक महिंद्रा भी हरे निशान में बंद हुए। मार्केट ब्रेड्थ भी कमजोर, 2,292 शेयरों में गिरावट बाजार की चौड़ाई यानी मार्केट ब्रेड्थ भी कमजोरी की ओर इशारा करती रही। कुल 4,626 शेयरों में से 2,095 शेयर यानी 45.29% बढ़े , जबकि 2,292 शेयर यानी 49.55% गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, 239 शेयर यानी 5.17% में कोई बदलाव नहीं हुआ। इससे साफ है कि गिरावट केवल सेंसेक्स की कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से अधिक रही। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार एशिया के प्रमुख बाजारों में मंगलवार को एक जैसी चाल नहीं रही। जापान का निक्केई 1.70% , दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.58% और हांगकांग का हैंगसेंग 0.38% गिरा जबकि चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.20% की बढ़त रही।



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