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मुंबई। अमेरिका-ईरान वार्ता और भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों के सतर्क रुख तथा चुनिंदा दिग्गज शेयरों में बिकवाली से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी ने बाजार पर दबाव को कुछ हद तक सीमित रखा। सेंसेक्स 210 अंक टूटा, निफ्टी में 159 अंक की गिरावट बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 210.08 अंक यानी 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,428.95 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 सूचकांक 159.40 अंक यानी 0.64 प्रतिशत टूटकर 24,614.90 अंक पर आ गया। प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.03 प्रतिशत बढ़कर 17,148.21 अंक और स्मॉलकैप सूचकांक 0.27 प्रतिशत चढ़कर 7,171.55 अंक पर पहुंच गया। खरीददारी और बिकवाली में कांटे की टक्कर बीएसई में कुल 4,439 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,108 शेयर बढ़त में रहे जबकि 2,128 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 203 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। आंकड़े बताते हैं कि बाजार में गिरावट व्यापक नहीं थी और खरीदारी तथा बिकवाली लगभग बराबर रही। 19 सेक्टर लाल निशान में सेक्टरवार कारोबार में दबाव ज्यादा दिखाई दिया। कुल 19 सेक्टर सूचकांक गिरावट में रहे जबकि नौ में तेजी दर्ज की गई। एनर्जी, एफएमसीजी, वित्तीय सेवा, निजी बैंक, आईटी, दूरसंचार, यूटिलिटी, ऑटो, बैंकेक्स, हॉस्पिटल, तेल एवं गैस, बिजली, रियल्टी, सेवा, फोकस्ड आईटी, हाउसिंग फाइनेंस और बीमा क्षेत्रों में 0.03 प्रतिशत से 2.09 प्रतिशत तक गिरावट आई। हिंदुस्तान यूनिलीवर सबसे ज्यादा टूटा सेंसेक्स की कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर सबसे ज्यादा 1.70 प्रतिशत गिरा। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, भारतीय स्टेट बैंक, अडानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा, इंडिगो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और एनटीपीसी में 0.05 प्रतिशत से 1.63 प्रतिशत तक कमजोरी रही। ट्रेंट में सबसे तेज बढ़त दूसरी ओर, ट्रेंट का शेयर 1.15 प्रतिशत चढ़ा। अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, इटरनल, भारती एयरटेल, सन फार्मा, टाइटन, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बीईएल और बजाज फाइनेंस भी बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। ## आरबीआई के संकेतों पर टिकी अगली चाल निवेशकों की नजर अब आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर है। ब्याज दरों, महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़े घटनाक्रम भी कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक निवेश धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। यही वजह रही कि निवेशकों ने बड़े फैसलों से पहले आक्रामक खरीदारी से दूरी बनाए रखी।