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रांची: झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता और पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग को लेकर करीब दो सप्ताह से आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई, जिसमें कई मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत के बावजूद सीबीआई जांच पर सहमति नहीं बन सकी और छात्रों ने फिलहाल सत्याग्रह जारी रखने का फैसला किया है। दो घंटे आमने-सामने बैठे सरकार और छात्र रांची के मोहराबादी स्थित राजकीय अतिथिशाला में शुक्रवार देर रात हुई बैठक करीब दो घंटे तक चली। सरकार के बुलावे पर 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए पहुंचा था। बैठक में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, भर्ती व्यवस्था में सुधार और छात्रों की अन्य मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह आंदोलन शुरू होने के बाद सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक बैठक थी। माहौल सकारात्मक, लेकिन सबसे बड़ी मांग पर फैसला नहीं वार्ता का माहौल सौहार्दपूर्ण रहा और छात्र नेताओं के मुताबिक सरकार की तरफ से कई मांगों पर सकारात्मक संकेत भी मिले लेकिन आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय जांच ब्यूरो ( सीबीआई) जांच पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। इसी कारण छात्रों ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उनका धरना और सत्याग्रह समाप्त नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक सीबीआई जांच की मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेता बोले- लगा जैसे परिवार के बीच हो रही बातचीत बैठक में शामिल छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि सरकार के साथ यह पहली औपचारिक बातचीत थी और इसका माहौल काफी सौहार्दपूर्ण रहा। उनके मुताबिक, बातचीत के दौरान ऐसा महसूस हुआ जैसे परिवार के बीच बैठकर चर्चा की जा रही हो। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने अपनी सभी प्रमुख मांगें रखीं और उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकार के मंत्री इन पर गंभीरता से विचार करेंगे। अभी पहला दौर, फिर होगी सरकार से बैठक श्री पासवान के अनुसार, यह बातचीत का पहला दौर था और आने वाले दिनों में सरकार तथा छात्र प्रतिनिधियों के बीच फिर बैठक होगी। अगले दौर की बातचीत में मांगों पर और विस्तार से चर्चा कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश की जाएगी। छात्रों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ होने वाली अगली बैठक में सीबीआई जांच समेत प्रमुख मांगों पर कोई अंतिम निर्णय सामने आ सकता है। सरकार बोली- हर मांग पर होगा मंथन सरकार की ओर से बैठक में शामिल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्र प्रतिनिधियों की सभी बातों को गंभीरता से सुना गया है और सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने भी बैठक के माहौल को सौहार्दपूर्ण बताया और कहा कि छात्रों की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। 10 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था वार्ता के लिए सरकार के बुलावे पर राजकीय अतिथिशाला पहुंचे 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल में आनंद कुमार, अंकित कुमार, रविंद्र कुमार, पतंजलि मंडल, रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी और नीतू कुजूर शामिल थे। सरकार की तरफ से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव के अलावा विकास आयुक्त अजय सिंह बैठक में मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से रांची के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी बैठक में हिस्सा लिया। पेपर लीक से पारदर्शी भर्ती तक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा बैठक में जेपीएससी, जेएसएससी और दूसरी भर्ती परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के सवालों को रखा गया। कथित अनियमितताओं की जांच के अलावा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और भर्ती व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। करीब दो सप्ताह से जारी आंदोलन के लिहाज से यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच औपचारिक संवाद की शुरुआत हुई है।