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मुंबई। एशियाई बाजारों की तेजी से उत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा लिवाली की बदौलत घरेलू शेयर बाजार पिछले लगातार दो दिनों की गिरावट से उबरकर आज बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 332.63 अंक यानी 0.45 प्रतिशत चढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 99 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,217.60 पर पहुंच गया। 9 लाख करोड़ के झटके के बाद मिली राहत एक दिन पहले आई तेज बिकवाली में दलाल स्ट्रीट के निवेशकों की संपत्ति नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गई थी। बुधवार की तेजी ने उस नुकसान के एक हिस्से की भरपाई जरूर की, लेकिन बाजार का मूड पूरी तरह बेफिक्र नहीं दिखा। बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी रही, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों की चाल सुस्त रही। सेंसेक्स ने निचले स्तर से की मजबूत वापसी सेंसेक्स 74,249.31 पर खुला और कारोबार के दौरान 74,505.86 के उच्च स्तर तक पहुंचा। एक समय यह फिसलकर 73,981.33 तक भी आया, लेकिन निचले स्तरों से खरीदारी लौटने पर सूचकांक 74,336.45 पर बंद हुआ। पिछले सत्र में सेंसेक्स 74,003.82 पर बंद हुआ था। इसी तरह निफ्टी ने 23,201.60 पर कारोबार शुरू किया और दिन में 23,284.75 का उच्च स्तर छुआ। बिकवाली के दबाव में सूचकांक 23,116.10 तक फिसला, लेकिन बाद में संभलकर 23,217.60 पर बंद हुआ। इस तरह निफ्टी पिछले बंद 23,118.60 से 99 अंक ऊपर रहा। हेडलाइन इंडेक्स हरे सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त के बावजूद पूरे बाजार में उत्साह एक जैसा नहीं था। कुल 4,587 शेयरों में से 1,981 शेयर चढ़े, जबकि 2,351 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 255 में कोई बदलाव नहीं हुआ। यानी बढ़ने वाले शेयरों की हिस्सेदारी 43.19 प्रतिशत और गिरने वाले शेयरों की हिस्सेदारी 51.25 प्रतिशत रही। मिडकैप सपाट, स्मॉलकैप लाल निशान में बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स केवल 0.07 प्रतिशत बढ़कर 16,505.40 पर बंद हुआ। वहीं, बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.13 प्रतिशत टूटकर 7,043.79 पर आ गया। यह अंतर बताता है कि बुधवार की रिकवरी का जोर मुख्य रूप से बड़ी कंपनियों के शेयरों तक सीमित रहा। बीमा और एफएमसीजी ने संभाला मोर्चा सेक्टोरल मोर्चे पर बीमा सूचकांक 2.05 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे आगे रहा। एफएमसीजी में 1.44 प्रतिशत और पीएसयू बैंक सूचकांक में 1.14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। रियल्टी 0.95 प्रतिशत, बैंकिंग 0.78 प्रतिशत, तेल एवं गैस 0.77 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएं 0.74 प्रतिशत और ऊर्जा सूचकांक 0.73 प्रतिशत ऊपर बंद हुए। निजी बैंक, ऑटो और मेटल में भी खरीददारी प्राइवेट बैंक सूचकांक 0.62 प्रतिशत, मेटल 0.58 प्रतिशत, ऑटो 0.55 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.41 प्रतिशत मजबूत हुए। टॉप-10 बैंक सूचकांक में 0.83 प्रतिशत और मिड-स्मॉल प्राइवेट बैंक क्वालिटी टिल्ट इंडेक्स में 0.90 प्रतिशत की तेजी रही। आईटी शेयरों ने बाजार की रफ्तार रोकी तेजी के बीच आईटी सेक्टर सबसे बड़ा दबाव बना रहा। आईटी सूचकांक 1.42 प्रतिशत और फोकस्ड आईटी इंडेक्स 1.52 प्रतिशत टूट गया। दूरसंचार सूचकांक 0.77 प्रतिशत, पावर 0.48 प्रतिशत, हाउसिंग फाइनेंस 0.37 प्रतिशत, यूटिलिटीज 0.34 प्रतिशत और इंडस्ट्रियल्स 0.30 प्रतिशत नीचे रहे। आईटीसी और एसबीआई बने सेंसेक्स के सितारे सेंसेक्स के शेयरों में ITC ने 2.46 प्रतिशत की छलांग लगाकर सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। भारतीय स्टेट बैंक 2.24 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 1.93 प्रतिशत, ट्रेंट 1.51 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.45 प्रतिशत चढ़े। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 1.42 प्रतिशत, टाइटन में 1.34 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक में 1.29 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर 1.21 प्रतिशत और सन फार्मा 1.01 प्रतिशत मजबूत हुए। अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इटरनल और भारती एयरटेल भी बढ़त के साथ बंद हुए। टीसीएस सबसे ज्यादा टूटा, इंफोसिस भी फिसला कमजोर शेयरों की सूची में टीसीएस सबसे आगे रहा और 2.60 प्रतिशत टूटकर 2,191.50 रुपये पर बंद हुआ। इंफोसिस 1.43 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 1.26 प्रतिशत नीचे आया। बजाज फिनसर्व में 0.99 प्रतिशत, एनटीपीसी में 0.91 प्रतिशत और लार्सन एंड टुब्रो में 0.79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इंडिगो 0.70 प्रतिशत और मारुति सुजुकी 0.61 प्रतिशत कमजोर हुए। एचसीएल टेक और टाटा स्टील में 0.30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही, जबकि अल्ट्राटेक सीमेंट और बजाज फाइनेंस भी लाल निशान में बंद हुए। एशियाई बाजारों से मिला सकारात्मक संकेत एशिया के प्रमुख बाजारों में भी बढ़त देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.37 प्रतिशत चढ़ा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 0.71 प्रतिशत और जापान का निक्केई 0.69 प्रतिशत मजबूत हुआ। हांगकांग के हैंगसेंग में 0.19 प्रतिशत की बढ़त रही। वैश्विक बाजार भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले से पहले बढ़त की ओर झुके रहे। रिकवरी हुई, पर सतर्कता अब भी जरूरी बुधवार की बढ़त ने बाजार को मंगलवार के बड़े झटके से कुछ राहत दी लेकिन कमजोर मार्केट ब्रेड्थ, स्मॉलकैप में गिरावट और आईटी शेयरों पर दबाव ने तस्वीर को संतुलित रखा। बड़ी कंपनियों के चुनिंदा शेयरों ने सूचकांकों को संभाल लिया, मगर बाजार की व्यापक मजबूती के लिए अधिक शेयरों का तेजी में शामिल होना जरूरी होगा।



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