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कटिहार। बिहार में कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड में ननिहाल की जमीन के बंटवारे का विवाद एक शिक्षक की मौत के साथ दर्दनाक अंजाम तक पहुंच गया। पंचायत में शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। गंभीर रूप से घायल शिक्षक जियाउल हक ने पांच दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नाना की जमीन के बंटवारे को लेकर बुलायी गई थी पंचायत बारसोई थाना अध्यक्ष उमेश कुमार ने शनिवार को बताया कि शिक्षक जियाउल हक अपने नाना की जमीन में हिस्सेदारी को लेकर चल रहे विवाद के समाधान के लिए 19 जुलाई 2026 को बेलवाडांगी पंचायत भवन पहुंचे थे। पंचायत में दोनों पक्षों के अलावा बेलवाडांगी पंचायत के सरपंच ईकरामुल हक और मुखिया असहाब आलम भी मौजूद थे। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद, सड़क पर हुई हिंसक मारपीट प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। माहौल बिगड़ता देख पंचायत बीच में ही समाप्त कर दी गई लेकिन बाहर निकलते ही दोनों पक्ष फिर भिड़ गए। पंचायत भवन के बाहर सड़क पर हुई हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए जबकि शिक्षक जियाउल हक को सबसे गंभीर चोटें आईं। पांच दिन तक चली जिंदगी की जंग, आखिरकार हार गए शिक्षक घायल शिक्षक को पहले अनुमंडलीय अस्पताल, बारसोई ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। लगातार पांच दिनों तक इलाज चलने के बाद 24 जुलाई 2026 को उन्होंने दम तोड़ दिया। पहले से दर्ज है एफआईआर, अब मौत के बाद तेज होगी कार्रवाई बारसोई थाना अध्यक्ष ने बताया कि घटना के संबंध में पहले से प्राथमिकी दर्ज है। अब शिक्षक की मौत के बाद पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



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