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पटना। बिहार सरकार ने सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू करने को मंजूरी दे दी है, जिससे ई-चालान व्यवस्था मजबूत होगी और सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के सूत्रों ने बुधवार को यहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक किए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर लागू की जाएगी, जिससे सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन और दुर्घटना नियंत्रण व्यवस्था को भी नई तकनीकी ताकत मिलेगी। बिहार की सड़कों पर आएगा स्मार्ट निगरानी तंत्र नई योजना के तहत राज्य में ट्रैफिक नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई हो और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। पहले चरण में 200 जगहों पर लगेगा सिस्टम कैबिनेट के फैसले के अनुसार, आईटीएमएस परियोजना के पहले चरण में राज्य के 200 स्थानों पर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसके बाद अगले चरण में अतिरिक्त 300 स्थानों को भी इस परियोजना से जोड़ा जाएगा। यानी आने वाले समय में बिहार के कुल 500 प्रमुख स्थानों पर हाईटेक ट्रैफिक निगरानी व्यवस्था काम करेगी। अपने आप कटेगा ई-चालान इस परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य यातायात नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना और यातायात उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ स्वचालित ई-चालान प्रणाली को लागू करना है। सिस्टम के जरिए नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान स्वतः होगी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत चालान जारी किया जा सकेगा। दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम सरकार का मानना है कि आईटीएमएस लागू होने से मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का पालन बढ़ेगा। इससे तेज रफ्तार, रेड लाइट जंपिंग और अन्य ट्रैफिक उल्लंघनों पर अंकुश लगेगा, जिसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। 10 साल तक चलेगी परियोजना परियोजना की स्थापना, क्रियान्वयन और रखरखाव सहित आगामी 10 वर्षों (2026-27 से 2037-38) तक इस व्यवस्था को संचालित किया जाएगा। इसके लिए बिहार सड़क सुरक्षा निधि से लगभग 622.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। क्या होंगे बड़े फायदे * ट्रैफिक नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित होगा। * ई-चालान प्रक्रिया पूरी तरह तकनीक आधारित बनेगी। * सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। * दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी। * ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगा। * राज्यभर में आधुनिक निगरानी तंत्र विकसित होगा। बिहार की सड़कों पर टेक्नोलॉजी का नया दौर सरकार का यह फैसला बिहार में ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आईटीएमएस लागू होने के बाद सड़कों पर निगरानी पहले से कहीं अधिक स्मार्ट होगी, नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी और आम लोगों को अधिक सुरक्षित यातायात व्यवस्था का लाभ मिलेगा।