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पटना। जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर (पीके) ने पटना में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) के पास हुई कथित फायरिंग की घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जबकि शराबबंदी को ‘फर्जी कानून’ बताते हुए दावा किया कि इसके कारण राज्य में सूखे नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। आईजीआईएमएस के पास फायरिंग पर सरकार को घेरा पीके ने आईजीआईएमएस के पास हुई कथित गोलीबारी की घटना को लेकर मुख्यमंत्री श्री चौधरी पर आरोप लगाया कि जब राज्य का नेतृत्व ही कथित रूप से अपराधी प्रवृत्ति वाले व्यक्ति के हाथ में हो, तब अपराध मुक्त समाज की उम्मीद करना बेईमानी है। उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया और शासन के चरित्र का असर पूरी व्यवस्था पर पड़ता है। ‘फर्जी शराबबंदी ने बढ़ाया सूखा नशा’ श्री किशोर ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर भी हमला बोला और दावा किया कि शराबबंदी ने न तो नशे को रोका और न ही अवैध कारोबार पर लगाम लगाई बल्कि इससे भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों और शराब माफिया को फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि उन्होंने दो वर्ष पहले ही चेतावनी दी थी कि बिहार की स्थिति ‘उड़ता पंजाब’ जैसी हो सकती है और अब घर-घर सूखा नशा फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर यही हाल रहा तो इसका सबसे बड़ा नुकसान युवाओं, परिवारों और समाज को उठाना पड़ेगा। पीके इससे पहले भी शराबबंदी को कागजी और विफल व्यवस्था बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग कर चुके हैं। हाल के एक साक्षात्कार में भी उन्होंने आरोप लगाया था कि मौजूदा नीति से शराब माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों को लाभ हुआ है। सवाल शराब का नहीं, पूरे नशा तंत्र का विधायक के बयान का केंद्र केवल अवैध शराब नहीं बल्कि नशे के बदलते स्वरूप पर था। उनका कहना था कि शराब की बिक्री पर कानूनी रोक लगने के बाद नशीली गोलियां, पाउडर और दूसरे सूखे नशीले पदार्थों की मांग बढ़ रही है। इसके बावजूद पीके ने इसे बिहार के सामाजिक भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो नई पीढ़ी को बड़ा नुकसान होगा। गिरिराज सिंह पर जातीय राजनीति का आरोप श्री किशोर ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बेगूसराय में कुशवाहा समाज का समर्थन पाने के लिए श्री गिरिराज सिंह इन दिनों श्री सम्राट चौधरी के पक्ष में बयान दे रहे हैं। उन्होंने इसे ‘गंदी राजनीति’ करार देते हुए कहा कि समाज ऐसे राजनीतिक दांव-पेच को समझता है। उन्होंने श्री सिंह के बयानों को अनर्गल बताया और कहा कि लोग आमतौर पर उनकी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। ‘ज्यादा बोलेंगे तो कुंडली सामने रख देंगे’ पीके का सबसे तीखा संदेश यह रहा कि अगर श्री सिंह ‘जरूरत से ज्यादा’ बोलेंगे तो उनकी पूरी राजनीतिक कुंडली जनता के सामने रख दी जाएगी। इससे पहले भी श्री सिंह और श्री किशोर के बीच श्री सम्राट चौधरी तथा बिहार की राजनीति को लेकर बयानबाजी होती रही है।



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