Full Story
नई दिल्ली, 09 मई (आईएनआई) केंद्र सरकार ने देश की सैन्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए आज लेफ्टिनेंट जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को नया प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) नियुक्त किया वहीं वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन को नौसेना का नया प्रमुख बनाया है। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को इन दोनों महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा की और बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि वर्तमान सीडीएस जनरल अनिल चौहान का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है। दूसरी ओर, वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की जगह नौसेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह 31 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि सैन्य कार्य विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। इससे पहले वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में भी काम किया था। गौरतलब है कि करीब 40 वर्षों के लंबे सैन्य करियर में लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि ने देश के कई संवेदनशील क्षेत्रों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने असम में आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान 16 गढ़वाल राइफल्स की कमान संभाली। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और 17 माउंटेन डिवीजन का नेतृत्व भी किया। भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन ‘2 कोर’ की कमान संभालना भी उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन से स्नातकोत्तर तथा मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एमफिल की डिग्री प्राप्त की है। सैन्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं, वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन को 01 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। वह संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में आईएनएस विक्रमादित्य सहित कई महत्वपूर्ण युद्धपोतों की कमान संभाली है। उन्होंने पश्चिमी नौसेना कमान, प्रशिक्षण संचालन और नौसेना सुरक्षा से जुड़े कई अहम पदों पर कार्य किया है। वह नौसेना सुरक्षा दल की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वर्तमान नियुक्ति से पहले वह नौसेना मुख्यालय में उप नौसेना स्टाफ प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), मुंबई विश्वविद्यालय और किंग्स कॉलेज लंदन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने सामरिक अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उच्च शोध कार्य भी किया है। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। इन नियुक्तियों को भारतीय सशस्त्र बलों के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों अधिकारियों का व्यापक अनुभव आने वाले समय में सेना और नौसेना की रणनीतिक क्षमता को और मजबूत करेगा। सूरज शिवा आईएनआई



Comments
0