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ग्लासगो (स्कॉटलैंड)। भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में इतिहास रचते हुए पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीत लिया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में डेकाथलॉन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। दो दिनों तक चली 10 स्पर्धाओं की कड़ी परीक्षा में तेजस्विन ने कुल 7976 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। ओलंपिक और विश्व स्तर के खिलाड़ियों के बीच जीता पदक 27 वर्षीय तेजस्विन शंकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर (8096 अंक) और कनाडा के डेमियन वार्नर (8036 अंक) के बाद तीसरा स्थान हासिल किया। लिंडन विक्टर पेरिस ओलंपिक 2024 के कांस्य पदक विजेता हैं, जबकि डेमियन वार्नर टोक्यो ओलंपिक 2020 के स्वर्ण पदक विजेता रह चुके हैं। एक और इतिहास भी रचा तेजस्विन शंकर अब कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में दो अलग-अलग व्यक्तिगत ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। चोट के बावजूद नहीं हारी हिम्मत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान तेजस्विन को हाई जंप स्पर्धा में चोट लग गई थी, जिसके कारण उन्हें फाइनल से हटना पड़ा।हालांकि उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अपनी मुख्य स्पर्धा डेकाथलॉन में हिस्सा लिया और देश के लिए ऐतिहासिक पदक जीत लिया। लॉन्ग जंप और हाई जंप में दिखाया दम तेजस्विन ने पहले दिन 100 मीटर दौड़ में 10.96 सेकेंड का समय निकाला। इसके बाद लॉन्ग जंप में 7.82 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। शॉटपुट में 13.09 मीटर और हाई जंप में 2.15 मीटर पार कर वह इस स्पर्धा में शीर्ष पर रहे। पहले दिन की पांच स्पर्धाओं के बाद वह 4339 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर थे। दूसरे दिन भी बनाए रखा दबदबा दूसरे दिन 110 मीटर हर्डल्स में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद उन्होंने डिस्कस थ्रो में 40.44 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पोल वॉल्ट में 4.30 मीटर पार करने के बाद वह चौथे स्थान पर खिसक गए, लेकिन जैवलिन थ्रो में 53.12 मीटर का सीजन बेस्ट प्रदर्शन कर फिर तीसरे स्थान पर पहुंच गए। आखिरी स्पर्धा 1500 मीटर दौड़ में 4:36.19 मिनट का समय निकालकर उन्होंने कांस्य पदक सुरक्षित कर लिया। राष्ट्रीय रिकॉर्ड से चूके, फिर भी ऐतिहासिक उपलब्धि इस साल रांची में फेडरेशन कप के दौरान तेजस्विन ने 8057 अंक बनाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया था। यदि वह ग्लासगो में उस प्रदर्शन को दोहरा पाते तो उन्हें रजत पदक मिल सकता था। इसके बावजूद 7976 अंकों के साथ उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों विशाल टीके, अंसा बाबू, राजेश रमेश और रश्मदीप कौर की टीम ने मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले के फाइनल में जगह बना ली है। हीट-2 में भारतीय टीम 3:20.98 मिनट के समय के साथ चौथे स्थान पर रही और सबसे तेज़ गैर-स्वचालित क्वालिफायर के रूप में फाइनल में पहुंची। 400 मीटर हर्डल्स में निराशा पुरुषों की 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में भारत के यशस पलाक्षा (50.37 सेकेंड) और संतोष कुमार तमिलारासन (51.81 सेकेंड) क्रमशः सातवें और आठवें स्थान पर रहे। दोनों खिलाड़ियों ने हीट से सबसे तेज गैर-स्वचालित क्वालिफायर के रूप में फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन पदक नहीं जीत सके।