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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भारत-नेपाल की खुली सीमा पर सोमवार सुबह सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक सोमालियाई नागरिक को हिरासत में लिया, जिसके पास मूल पासपोर्ट नहीं मिला और पूछताछ में नेपाल के रास्ते कथित तौर पर सोमालिया लौटने की योजना सामने आने के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस सतर्क हो गई हैं। सुबह छह बजे सीमा के पास घूमते मिला विदेशी युवक एसएसबी की बैजनाथपुर चौकी की टीम ने सीमा स्तंभ संख्या 353 के पास बैजनाथपुर बस स्टैंड क्षेत्र में सुबह करीब छह बजे एक विदेशी युवक को संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते देखा। नाका कमांडर एचसी/जीडी सतीश कुमार यादव के नेतृत्व में जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसकी पहचान काफी अली हसी के रूप में बताई गई है। मूल पासपोर्ट नहीं, मोबाइल में दिखाई तस्वीर जवानों ने जब उससे यात्रा और पहचान से जुड़े दस्तावेज मांगे तो वह मूल पासपोर्ट पेश नहीं कर सका। उसने मोबाइल फोन में पासपोर्ट की तस्वीर दिखाई, लेकिन प्रारंभिक जांच में उसकी वैधता समाप्त पाई गई। इसके बाद एसएसबी ने उसे विस्तृत पूछताछ के लिए अपने कब्जे में ले लिया और मामले की सूचना पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को दी। हैदराबाद में पढ़ाई, दो साल से दिल्ली में रहने का दावा पूछताछ के दौरान काफी अली हसी ने कथित रूप से खुद को हैदराबाद स्थित उस्मानिया विश्वविद्यालय के निजाम कॉलेज का पूर्व छात्र बताया। उसने दावा किया कि वह पिछले करीब दो वर्षों से दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में रह रहा था। एजेंसियां अब उसके इस बयान की पुष्टि कर रही हैं और यह पता लगाने में जुटी हैं कि भारत में उसकी वैध स्थिति क्या थी। नेपाल के व्यक्ति से संपर्क की बात प्रारंभिक पूछताछ में उसने कथित रूप से बताया कि वह नेपाल के एक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसने उसे सीमा पार कराकर नेपाल के रास्ते सोमालिया भेजने का भरोसा दिया था। इस दावे के बाद जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि वह व्यक्ति कौन है, दोनों के बीच कब और कैसे संपर्क हुआ तथा क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। दिल्ली से बॉर्डर तक किसने पहुंचाया सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब कई अहम सवाल हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि काफी अली हसी भारत में कब और किस रास्ते से आया, दिल्ली में किन लोगों के संपर्क में रहा और वहां से पूर्वी चंपारण की सीमा तक पहुंचने में किसने उसकी मदद की। एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि उसने किन शहरों की यात्रा की और सीमा क्षेत्र तक पहुंचने से पहले वह कहां-कहां रुका। मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल संपर्कों की जांच झरोखर थाना अध्यक्ष मोहम्मद असलम के अनुसार, एसएसबी और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से विदेशी नागरिक से पूछताछ कर रही हैं। उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, यात्रा विवरण, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल संपर्कों की जांच की जा रही है। पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की सत्यता भी संबंधित एजेंसियों से जांची जाएगी। जांच के बाद तय होगी कानूनी कार्रवाई पुलिस का कहना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला केवल वीजा और पासपोर्ट नियमों के उल्लंघन का है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां उसके दावों की स्वतंत्र पुष्टि कर रही हैं और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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