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पटना। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल कार्यालय में 22 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पेशकार नीलम कुमार चौधरी और उसके निजी दलाल सुनील कुमार सिन्हा को आज रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। केस में फैसला कराने के नाम पर मांगी थी रिश्वत ब्यूरो ने बुधवार को बताया कि नालंदा जिले के रामफर गांव निवासी दिलीप नारायण सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि हिलसा के अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय में चल रहे एक मामले में उनके पक्ष में फैसला कराने के बदले 22 हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही है। रिश्वत की मांग पेशकार नीलम कुमार चौधरी और उसके निजी दलाल सुनील कुमार सिन्हा की ओर से की गई थी। शिकायत सही मिली तो बिछाया जाल शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। बुधवार को ट्रैप टीम ने कार्रवाई करते हुए हिलसा अनुमंडल कार्यालय की विधि शाखा में छापा मारा और 22 हजार रुपये रिश्वत लेते समय पेशकार नीलम कुमार चौधरी तथा उसके निजी दलाल सुनील कुमार सिन्हा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें निगरानी के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है। इस साल का 73वां ट्रैप केस निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 78वीं प्राथमिकी और 73वां ट्रैप केस है। अब तक ब्यूरो 73 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर चुका है तथा 27.85 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत राशि बरामद की गई है। ब्यूरो ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को दें।