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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का कड़ा विरोध करने का ऐलान करते हुए आज कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजनीतिक तथा अल्पसंख्यक विरोधी एजेंडे के तहत इस कानून को लागू करना चाहती है। 'शुरुआत से यूसीसी के खिलाफ है तृणमूल' तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सौगत राय ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही समान नागरिक संहिता का विरोध करती रही है। उनका कहना है कि ऐसे कानून की कोई आवश्यकता नहीं है और इसे लागू करने के पीछे भाजपा की मंशा अल्पसंख्यकों के प्रति अपने रुख को दिखाना है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता का उल्लेख राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के रूप में है, जो कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं। ऐसे में सरकार इस मुद्दे को प्राथमिकता क्यों दे रही है। विशेष सत्र में पेश हो सकता है विधेयक सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र में यूसीसी विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सत्ता में आने पर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था। कुछ समुदायों को मिल सकती है छूट राज्य सचिवालय 'नबन्ना' के सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित विधेयक में पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलमहल के कुछ समुदायों की पारंपरिक प्रथाओं और संवैधानिक संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष छूट या सुरक्षा प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि अंतिम तस्वीर विधेयक पेश होने के बाद ही साफ होगी। भाजपा बनाम विपक्ष, नया राजनीतिक मोर्चा तैयार भाजपा इस विधेयक को लैंगिक न्याय, समान अधिकार और सुशासन से जोड़कर पेश कर रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दल इसे धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर असर डालने वाला कदम बता रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यूसीसी का मुद्दा आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा चुनावी और वैचारिक मुद्दा बन सकता है। क्या है समान नागरिक संहिता समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, विरासत और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू करना है। उत्तराखंड इसे लागू करने वाला पहला राज्य बन चुका है, जबकि असम, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे कई भाजपा शासित राज्यों में भी इस दिशा में पहल की जा चुकी है।