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कोलकाता, पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी ने एक रहस्यमय लेकिन आत्मविश्वास से भरा संदेश साझा करते हुए कहा, “सूरज डूबने के बाद हम जीतेंगे।” सुश्री बनर्जी का यह बयान सोमवार को ऐसे समय में आया जब विधानसभा चुनाव की जारी मतगणना के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 182 सीटों पर बढ़त बनाए हुए दिखाई दे रही थी। सोशल मीडिया पर दोपहर करीब 12:35 बजे सुश्री बनर्जी की ओर से किए गए इस पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। जारी मतगणना के दौरान जहां एक ओर शुरुआती रुझान भाजपा के पक्ष में जाते दिख रहे थे वहीं सुश्री बनर्जी ने इन आंकड़ों पर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि कई मतगणना केंद्रों पर जानबूझकर गिनती को धीमा या रोक दिया गया है ताकि वास्तविक स्थिति सामने न आ सके। उन्होंने खास तौर पर कल्याणी का जिक्र करते हुए कहा कि वहां करीब 100 केंद्रों पर गिनती रोक दी गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि कम से कम सात इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के नतीजों को कुल गणना में शामिल नहीं किया गया है। सुश्री बनर्जी ने इन घटनाओं को भाजपा की सोची-समझी रणनीति बताया और कहा, “यह सब टीएमसी को पीछे दिखाने और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने के लिए किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि टीएमसी वास्तव में 70 से 100 सीटों पर आगे चल रही है लेकिन इन आंकड़ों को जानबूझकर रोका जा रहा है ताकि भ्रम का माहौल बनाया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम के बीच टीएमसी प्रमुख ने अपने पार्टी नेताओं, उम्मीदवारों और मतगणना एजेंटों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में गिनती केंद्रों को छोड़कर न जाएं और पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के लोग डटे रहेंगे तो “सच्चाई सामने आएगी” और नतीजे बदल सकते हैं। सुश्री बनर्जी ने केवल मतगणना प्रक्रिया पर ही नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय सुरक्षा बल टीएमसी के कार्यालयों में तोड़फोड़ कर रहे हैं और राज्य पुलिस भी उनके दबाव में काम कर रही है। इन गंभीर आरोपों के बावजूद चुनाव आयोग और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, भाजपा ने भी सुश्री बनर्जी के इन दावों पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, जिससे राजनीतिक सस्पेंस और गहरा गया है। सूरज शिवा आईएनआई



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