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रांची। झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता की शिकायतों और सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बड़ा कदम उठाते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से जुड़ी 22 परीक्षाओं को रद्द , छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित और 17 पुरानी परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ी की जांच सीआईडी से कराने का फैसला किया है। एक साथ आठ अधिसूचनाएं जारी, भर्ती व्यवस्था पर बड़ा ऑपरेशन कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने मंगलवार देर रात सरकार के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से आठ अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर भर्ती परीक्षाओं पर सरकार के फैसलों की जानकारी दी। सरकार ने कहा है कि वर्तमान और पुरानी परीक्षाओं में अनियमितता की शिकायतों, सीआईडी और एसआईटी की जांच तथा विभिन्न माध्यमों से मिले सुझावों के आधार पर ये फैसले लिए गए हैं। पहली सूची में आठ भर्ती परीक्षाएं रद्द सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित और टीडीपीएल के माध्यम से संचालित आठ परीक्षाओं को रद्द किया है। इनमें विश्वविद्यालयों के गैर-शैक्षणिक पदों से लेकर मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक की भर्ती तक शामिल है। रद्द की गई परीक्षाएं इस प्रकार हैं— 1. झारखंड के विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, विज्ञापन संख्या 09/2025 2. सहायक निदेशक एवं वरीय वैज्ञानिक पदाधिकारी बैकलॉग भर्ती, विज्ञापन संख्या 10/2025 3. सहायक निदेशक एवं वरीय वैज्ञानिक पदाधिकारी नियमित भर्ती, विज्ञापन संख्या 11/2025 4. औषधि निरीक्षक भर्ती, विज्ञापन संख्या 12/2025 5. सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक बैकलॉग भर्ती, विज्ञापन संख्या 02/2026 6. सरकारी पॉलिटेक्निक और महिला पॉलिटेक्निक में व्याख्याता बैकलॉग भर्ती, विज्ञापन संख्या 03/2026 7. सरकारी पॉलिटेक्निक और महिला पॉलिटेक्निक में व्याख्याता नियमित भर्ती, विज्ञापन संख्या 04/2026 8. मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट विभाग के सहायक प्राध्यापक की भर्ती, विज्ञापन संख्या 07/2026 सिविल जज और सिविल सेवा समेत आठ और परीक्षाएं खत्म दूसरी अधिसूचना में सरकार ने आठ अन्य बड़ी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इनमें सिविल जज, वन सेवा और झारखंड संयुक्त सिविल सेवा की परीक्षाएं शामिल हैं। रद्द की गई परीक्षाओं में— * सिविल जज जूनियर डिवीजन भर्ती, विज्ञापन संख्या 22/2023 * सहायक वन संरक्षक भर्ती, विज्ञापन संख्या 03/2024 * वन क्षेत्र पदाधिकारी भर्ती, विज्ञापन संख्या 04/2024 * सहायक लोक अभियोजक बैकलॉग भर्ती, विज्ञापन संख्या 05/2025 * सहायक लोक अभियोजक नियमित भर्ती, विज्ञापन संख्या 06/2025 * झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025, विज्ञापन संख्या 01/2026 * संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025, विज्ञापन संख्या 05/2026 * संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023, विज्ञापन संख्या 06/2026 शामिल हैं। फूड सेफ्टी ऑफिसर और सीडीपीओ परीक्षा भी रद्द तीसरी अधिसूचना के जरिए सरकार ने तीन और भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया है। इनमें फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती-2023 , बाल विकास परियोजना पदाधिकारी भर्ती-2023 और संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 शामिल हैं।सरकार ने कहा है कि इन परीक्षाओं के संबंध में अनियमितता की शिकायतों और सीआईडी जांच के दौरान सामने आए तथ्यों की पृष्ठभूमि में यह फैसला लिया गया है। छह भर्तियों की प्रक्रिया पर फिलहाल ब्रेक एक अन्य अधिसूचना में सरकार ने छह परीक्षाओं की प्रक्रिया रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक स्थगित कर दी है। इन परीक्षाओं का शुरुआती काम टीडीपीएल से अलग किसी एजेंसी ने किया था। सरकार ने संबंधित एजेंसी की विश्वसनीयता और प्रमाणों की जांच सीआईडी को सौंप दी है। जिन छह भर्तियों पर रोक लगी है, उनमें— 1. फूड एनालिस्ट भर्ती, विज्ञापन संख्या 05/2024 2. उप निदेशक अभियोजन भर्ती, विज्ञापन संख्या 03/2025 3. प्रोजेक्ट मैनेजर एवं समकक्ष पदों की भर्ती, विज्ञापन संख्या 04/2025 4. कारखाना निरीक्षक भर्ती, विज्ञापन संख्या 01/2025 5. बॉयलर निरीक्षक भर्ती, विज्ञापन संख्या 02/2025 6. निदेशक भर्ती, विज्ञापन संख्या 07/2025 शामिल हैं। इन परीक्षाओं से जुड़ा आगे का काम सीआईडी जांच पूरी होने और सरकार के अगले आदेश के बाद ही शुरू होगा। 17 पुरानी परीक्षाओं की भी सीआईडी जांच सरकार ने जेपीएससी की पुरानी परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है। पांचवीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती से लेकर संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2021 तक 17 परीक्षाओं की जांच सीआईडी से कराने का फैसला किया गया है। इनमें सिविल जज भर्ती, कृषि अधिकारियों की भर्ती, फूड सेफ्टी ऑफिसर, दंत चिकित्सक, सहायक लोक अभियोजक, संयुक्त सहायक अभियंता और भूवैज्ञानिक तथा रसायनज्ञ की भर्ती जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 भी रद्द सरकार ने झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 , विज्ञापन संख्या 08/2025 को भी रद्द कर दिया है। इसके साथ ही छठी सीमित उप समाहर्ता भर्ती परीक्षा , विज्ञापन संख्या 11/2018 को भी रद्द किया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि इन परीक्षाओं में आंशिक रूप से टीडीपीएल या अन्य विवादित एजेंसी की भूमिका और सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह निर्णय लिया गया। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा भी रद्द झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा, विज्ञापन संख्या 10/2023 को भी सरकार ने रद्द कर दिया है। इस परीक्षा में अनियमितता की शिकायतों की जांच के लिए पहले एसआईटी गठित की गई थी। इसके अलावा जेपीएससी से जुड़े मामलों की सीआईडी जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को भी निर्णय का आधार बनाया गया। सरकार का बड़ा संदेश—अब केवल परीक्षा रद्द नहीं, व्यवस्था भी बदलेगी सरकार ने केवल परीक्षाओं को रद्द करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि भविष्य में गड़बड़ियों को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक बदलाव का फैसला भी किया है। जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े अनियमितता और कदाचार के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध झारखंड उच्च न्यायालय से किया जाएगा। जेपीएससी और जेएसएससी में बनेगा आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ दोनों आयोगों में एक आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों, संदिग्ध गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन पर नजर रखना होगा। यह प्रकोष्ठ परीक्षा प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों की निगरानी करेगा, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को शुरुआती स्तर पर पकड़ा जा सके। परीक्षा सुधार के लिए अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी राज्य सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस समिति में अन्य अधिकारियों के साथ किसी प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को भी सदस्य बनाया जाएगा। समिति परीक्षा एजेंसियों के चयन, प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और निगरानी व्यवस्था का अध्ययन कर दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा सीधा असर सरकार के इन फैसलों से सिविल सेवा, न्यायिक सेवा, वन सेवा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और अन्य सरकारी पदों की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थी प्रभावित होंगे। रद्द परीक्षाओं के लिए नई प्रक्रिया कब शुरू होगी, दोबारा आवेदन लिया जाएगा या पुराना आवेदन मान्य रहेगा—इस बारे में अधिसूचनाओं में फिलहाल अलग से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। अब अभ्यर्थियों की नजर जेपीएससी, जेएसएससी और राज्य सरकार की अगली घोषणाओं पर टिकी है। गड़बड़ी पर सख्ती, लेकिन अभ्यर्थियों के सामने बढ़ी अनिश्चितता एक साथ इतनी बड़ी संख्या में परीक्षाएं रद्द करने का फैसला झारखंड की भर्ती व्यवस्था में अभूतपूर्व कार्रवाई माना जा रहा है। सरकार ने इसे पारदर्शिता और परीक्षा सुधार की दिशा में जरूरी कदम बताया है, लेकिन दूसरी तरफ वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने नई परीक्षा, नई तारीख और नई चयन प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता भी बढ़ गई है। अब सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि जांच और सुधार की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर निष्पक्ष तरीके से नई परीक्षाएं आयोजित की जाएं, ताकि ईमानदार अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार न करना पड़े।



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