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काकामिगहारा (जापान)। आखिरी 49.2 सेकंड, स्कोर 3-3 और फाइनल का टिकट दांव पर... भारत-पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 का सेमीफाइनल रोमांच की सारी हदें पार कर चुका था तभी अभिषेक ने गोल की ओर गेंद बढ़ाई, जो पाकिस्तान के सुफियान खान की स्टिक से डिफ्लेक्ट होकर गोल में चली गई और इसी निर्णायक गोल के दम पर भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर पुरुष हॉकी के फाइनल में जगह बना ली। डिफेंडिंग चैंपियन भारत अब अपना खिताब बचाने से सिर्फ एक जीत दूर है। 3 अक्टूबर को होने वाले फाइनल में भारत का सामना मलेशिया और दक्षिण कोरिया के बीच दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। 3-0 की बढ़त, फिर 3-3...और आखिर में धमाका मुकाबले की कहानी किसी रोमांचक पटकथा से कम नहीं रही। भारत ने शुरुआत से पाकिस्तान पर दबाव बनाते हुए 3-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। लेकिन पाकिस्तान ने हार नहीं मानी और लगातार तीन गोल दागकर मुकाबला 3-3 से बराबर कर दिया। जब मुकाबला अंतिम मिनट में पहुंचा तो दोनों टीमें निर्णायक गोल की तलाश में थीं। आखिरकार अभिषेक ने 49.2 सेकंड बाकी रहते भारत के लिए विजयी गोल कर पाकिस्तान की शानदार वापसी पर पानी फेर दिया। हरमनप्रीत ने पांचवें मिनट में खोला खाता भारत ने शुरुआत से गेंद पर नियंत्रण रखते हुए पाकिस्तान को उसके हाफ में दबाए रखा। हालांकि गोल की पहली कोशिश पाकिस्तान की तरफ से आई, लेकिन भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने मुहम्मद अम्माद के तेज शॉट को रोक दिया। भारत ने इसके बाद लगातार पेनल्टी कॉर्नर बनाए। पांचवें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पाकिस्तान के गोलकीपर अली रजा के पैरों के बीच से गेंद निकालते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। हरमनप्रीत का दूसरा वार, भारत 2-0 आगे भारतीय आक्रमण यहीं नहीं रुका। विवेक सागर प्रसाद के शानदार पास पर दिलप्रीत सिंह ने रिवर्स हिट से गेंद नेट में पहुंचाई, लेकिन भारतीय टीम के उल्लंघन के कारण गोल रद्द कर दिया गया। इसके बावजूद भारत ने दबाव बनाए रखा। 13वें मिनट में मिले एक और पेनल्टी कॉर्नर पर हरमनप्रीत ने लो फ्लिक के जरिए अपना दूसरा गोल दाग दिया। भारत पहले क्वार्टर के अंत तक 2-0 से आगे था। सुखजीत ने किया 3-0, पाकिस्तान पर बढ़ा दबाव दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम लगातार मौके बनाती रही। 23वें मिनट में शीलानंद लाकड़ा ने बेसलाइन के पास गेंद को शानदार तरीके से खेल में बनाए रखा और उसे गोल की ओर भेजा। वहां मौजूद सुखजीत सिंह ने तेजी से डिफ्लेक्शन देकर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। इस समय मुकाबला पूरी तरह भारत के नियंत्रण में दिखाई दे रहा था, लेकिन पाकिस्तान की वापसी अभी बाकी थी। कई पेनल्टी कॉर्नर गंवाने के बाद पाकिस्तान को आखिरकार 30वें मिनट में सफलता मिली। कप्तान अबू महमूद ने भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस को छकाकर स्कोर 3-1 कर दिया। हाफ टाइम तक भारत के पास दो गोल की बढ़त थी, लेकिन तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ज्यादा आक्रामक अंदाज में लौटा। पोस्ट से टकराया अभिषेक का शॉट, फिर बदला मैच दूसरे हाफ में पाकिस्तान ने दोनों फ्लैंक से हमले तेज कर दिए। 38वें मिनट में सूरज ने एक महत्वपूर्ण बचाव किया। इसी दौरान अम्माद बट को येलो कार्ड मिलने के कारण पाकिस्तान कुछ समय के लिए 10 खिलाड़ियों के साथ खेला। भारत के पास अपनी बढ़त फिर तीन गोल करने का मौका आया, लेकिन अभिषेक का प्रयास पोस्ट से टकरा गया। इसके बाद मुकाबले की दिशा तेजी से बदली। 45वें मिनट में भारतीय गोल के सामने हुई अफरा-तफरी का फायदा उठाते हुए हन्नान शाहिद ने गोल कर स्कोर 3-2 कर दिया। 49वें मिनट में पाकिस्तान ने किया 3-3 अंतिम क्वार्टर में मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। पाकिस्तान ने 49वें मिनट में वहीद अशरफ राणा के गोल से 3-3 की बराबरी हासिल कर ली। तीन गोल की बढ़त गंवा चुका भारत अब दबाव में था। इसके बाद भारतीय टीम ने मोहित की जगह सूरज को फिर गोलकीपर के रूप में मैदान पर उतारा। 54वें मिनट में पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस के शानदार फर्स्ट रश ने उसे गोल पर शॉट लेने का मौका नहीं दिया। 58वें मिनट में मनप्रीत सिंह ने भी अहम टैकल कर पाकिस्तान के हमले को रोका। आखिरी मिनटों में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन पाकिस्तान के सफल वीडियो रेफरल के बाद फैसले को बदलकर फ्री हिट कर दिया गया। इसके बाद पाकिस्तानी गोलकीपर अली रजा ने लगातार दो बचाव कर भारतीय टीम को फिर रोक दिया। 49.2 सेकंड में अभिषेक ने बदल दी कहानी मैच खत्म होने में सिर्फ 49.2 सेकंड बचे थे। अभिषेक ने सर्कल के किनारे से गेंद गोल की तरफ बढ़ाई। गेंद पाकिस्तान के सुफियान खान की स्टिक से डिफ्लेक्ट हुई और सीधे बैकबोर्ड से जा टकराई। स्कोर 4-3 हो चुका था और भारतीय खेमे में जश्न शुरू हो गया। पाकिस्तान के पास वापसी के लिए बेहद कम समय बचा था और भारत ने अपनी बढ़त कायम रखते हुए फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। मनदीप सिंह के नाम खास उपलब्धि इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय स्ट्राइकर मनदीप सिंह ने अपना 300वां सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेला। पाकिस्तान के खिलाफ अहम सेमीफाइनल उनके करियर का यादगार मुकाबला बन गया। भारत को इस मैच से पहले टीम में एक बदलाव भी करना पड़ा था। बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी पूल मुकाबले में अंगूठे में फ्रैक्चर होने के कारण राज कुमार पाल बाहर हो गए थे और उनकी जगह नीलकांत शर्मा को टीम में शामिल किया गया। गोल्ड से बस एक जीत दूर टीम इंडिया भारत के लिए हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए, जबकि सुखजीत सिंह और अभिषेक ने एक-एक गोल दागा। पाकिस्तान की ओर से अबू महमूद, हन्नान शाहिद और वहीद अशरफ राणा ने गोल किए। 3-0 से आगे होने के बाद स्कोर 3-3 हो जाना और फिर आखिरी 49.2 सेकंड में विजयी गोल करना इस सेमीफाइनल को बेहद रोमांचक बना गया। डिफेंडिंग चैंपियन भारत अब 3 अक्टूबर के फाइनल में अपने एशियन गेम्स खिताब की रक्षा के लिए उतरेगा।