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मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार अभिषेक कुमार दास ने शनिवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पुनीत कुमार तिवारी और डीएलएसए सचिव नितिन त्रिपाठी के साथ केंद्रीय कारा तथा पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण कर भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और विधिक सहायता की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बंदियों से सीधे पूछा- कैसी मिल रही सुविधाएं केंद्रीय कारा के विभिन्न वार्डों में अधिकारियों ने बंदियों से बातचीत कर भोजन, पेयजल, सफाई, इलाज, दवाओं, मुलाकात और कानूनी सहायता की जानकारी ली। कारा प्रशासन को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित सफाई और जरूरत पड़ने पर समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। न्यायालय में बंदियों की पेशी अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने और नियमानुसार समय पर पेशी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। आर्थिक तंगी न्याय में न बने बाधा विधिक सहायता क्लिनिक की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि आर्थिक असमर्थता के कारण कोई पात्र बंदी कानूनी सहायता से वंचित न रहे। जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता, पैनल अधिवक्ता, जमानत और अपील से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। किशोरों के लिए शिक्षा और कौशल विकास पर जोर पर्यवेक्षण गृह में अधिकारियों ने किशोरों से बातचीत कर उनके भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रहने की व्यवस्था का जायजा लिया। यहां केवल देखभाल और सुरक्षा ही नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापन के लिए लगातार प्रयास करने पर जोर दिया गया। प्रधान जिला जज ने दोनों संस्थानों में रहने वाले लोगों की मानवीय गरिमा, अधिकार, स्वास्थ्य और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित मानकों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।