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मुंबई: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीद से मिले सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच बुधवार को घरेलू शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के बाद बढ़त में बंद हुए, जहां सेंसेक्स 152 अंक चढ़ा और निफ्टी भी मामूली तेजी के साथ हरे निशान में रहा। सेंसेक्स 78,581 पर, निफ्टी 24,624 के पार बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 152.05 अंक यानी 0.19 प्रतिशत बढ़कर 78,581 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 9.75 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,624.65 अंक पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट में रहे थे। एशियाई बाजारों से मिला सहारा अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की संभावना से एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल बना रहा। जापान का निक्केई सूचकांक साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक उछल गया। वैश्विक बाजारों की इस तेजी का असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी दिखाई दिया। स्मॉलकैप ने मिडकैप से बेहतर किया प्रदर्शन वृहद बाजार में भी खरीदारी का रुख रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.01 प्रतिशत चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.76 प्रतिशत मजबूत हुआ। इससे संकेत मिला कि छोटी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी अपेक्षाकृत अधिक रही। मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी क्षेत्रवार कारोबार में धातु और वाहन कंपनियों के शेयरों ने बाजार को सबसे अधिक सहारा दिया। निफ्टी धातु सूचकांक 1.72 प्रतिशत और ऑटो सूचकांक 1.27 प्रतिशत चढ़ा। रियल्टी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सूचकांक भी बढ़त में रहे। इसके उलट मीडिया, एफएमसीजी और निजी बैंकिंग क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे ज्यादा चढ़ा सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर करीब दो प्रतिशत मजबूत हुआ। इसके अलावा एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट और एलएंडटी के शेयरों में एक से दो प्रतिशत तक की तेजी रही। इंफोसिस, अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व और मारुति सुजुकी भी हरे निशान में बंद हुए। टीसीएस और एचसीएल टेक पर दबाव दूसरी ओर, टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर एक से सवा प्रतिशत तक टूट गए। रिलायंस इंडस्ट्रीज, बीईएल, सन फार्मा, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। तेजी सीमित, लेकिन बाजार का रुख सकारात्मक वैश्विक संकेतों और चुनिंदा क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी से बाजार गिरावट से उबरने में सफल रहा, लेकिन निजी बैंक और एफएमसीजी शेयरों में कमजोरी के कारण बढ़त सीमित रही। अब निवेशकों की नजर आगे आने वाले घरेलू आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रम पर रहेगी।