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मुंबई। ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की खबर से उत्साहित निवेशकों की जोरदार लिवाली के चलते सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में तेजी रही और सेंसेक्स 736 अंक तथा निफ्टी 231 अंक चढ़कर करीब तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद हुए। शांति की खबर से बाजार में लौटी रौनक बाजार को सबसे बड़ा सहारा अमेरिका और ईरान के बीच बनी शांति सहमति से मिला। दोनों देशों के बीच 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने हैं। इस खबर के बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला, जबकि कच्चे तेल और अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दम सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.36 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.09 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा पूरे बाजार में मजबूत हुआ है। रियल्टी सेक्टर ने मारी बाजी सोमवार के कारोबार में रियल्टी सेक्टर सबसे बड़ा विजेता रहा। इस सेक्टर का सूचकांक 4 फीसदी से ज्यादा उछल गया। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो, वित्तीय सेवाएं, धातु और तेल-गैस सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन शेयरों ने बढ़ाई बाजार की रफ्तार सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट का शेयर सबसे ज्यादा चमका और पांच फीसदी से अधिक चढ़ गया। इंडिगो, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में तीन से चार फीसदी तक की तेजी रही। एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस और भारती एयरटेल भी मजबूती के साथ बंद हुए। कुछ शेयरों पर रहा दबाव तेजी के माहौल के बीच कुछ शेयरों में बिकवाली भी देखने को मिली। एनटीपीसी का शेयर डेढ़ फीसदी से ज्यादा टूट गया। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मा के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों की संपत्ति में बढ़ोतरी विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बनने से भारतीय बाजार को राहत मिली है। यदि शांति समझौता तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ता है तो आने वाले दिनों में बाजार में सकारात्मक माहौल बना रह सकता है।